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यूँ तो सारा ज़माना ही हसीनों का दीवाना है

यूँ तो सारा ज़माना ही हसीनों का दीवाना है

तेरा दिल जो कहीं लग गया है तो क्या हुआ

ये जवानी तो बस चार दिन की है यारों

अगर तुझसे कोई खता हो जाये तो घबराना मत

इश्क़ की दास्तान बड़ी ही हसीन होती है

करवटें बदलते रहना रात भर लाज़मी है

दिन जुदाई के कभी तो कम होंगे

कभी तो आएगी तेरे और मेरे मिलने की बेला

ये चाँदनी की चुभन याद तेरी छुअन की दिलाती है

मीठी मीठी बातें तेरी मुझे जाम इश्क़ के पिलाती हैं

अगर कुछ गिला शिकवा हो जाये कभी तो

मुझको तुम अपने गले से लगा लेना दूर जाने ना देना

अगर तुम मिल जाओ तो ज़िन्दगी से कोई शिकायत ना होगी

तेरी राहों के कांटे मैं अपनी पलकों से चुन लूंगा

बस इतनी सी ही कहानी है मेरी आशिकी की

यही मेरा प्यार भरा अफसाना है

यूँ तो सारा ज़माना ही हसीनों का दीवाना है