ये इश्क़ में लिपटी हुई रात बड़ी रूहानी लगती है
कायनात सारी तेरे नाम की आज दीवानी लगती है
रात की रानी महक रही है तेरे आँगन में
बजती है शहनाइयां सब के तन मन में

महफ़िल में तेरे होने की ये निशानी लगती है
कायनात सारी तेरे नाम की आज दीवानी लगती है
चेहरे से ढलक गया आँचल
तारों की आज निगाह झुक गयी है

मेरे पिया की मचल गयी जुल्फे
जाती हुई ये रात आज रुक गयी है
कायनात सारी तेरे नाम की आज दीवानी लगती है
ये इश्क़ में लिपटी हुई रात बड़ी रूहानी लगती है
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