ये दौलत और जवानी एक दिन खो जाती है बस यादें रह जाती हैं
आदमी की सारी उम्र बस यूँ ही तमाम हो जाती है
बहुत से रिश्ते टूट जाते हैं तो कुछ कहानी बन जाती है
बचपन से जब शुरू होता है ये जिंदगी का सफर
तो बहुत ही प्यारा और मासूम होता है
बचपन की दोस्ती हमेशा ही याद रहती है
ना दुनिया की फ़िक्र होती है और ना ही ज़माने का कोई ग़म रहता है
चलते चलते जब जवानी दस्तक देती है तो दिल में कई अरमान होते हैं
ऐसा लगता है जैसे कि सब कुछ पा लेना मुमकिन है
आदमी धन दौलत गाड़ी बंगले के पीछे दौड़ना शुरू करता है
ज़िन्दगी की गाड़ी बहुत तेजी से सरपट दौड़ती है
तलाश होने लगती है एक हसीन हमसफ़र की
और अपने महबूब की खातिर ज़माने से बगावत भी शुरू हो जाती है
कुछ की मोहब्बत ही अपने अंजाम तक पहुँच पाती है
जवानी कब बीत जाती है कुछ पता ही नहीं चलता
बुढ़ापा जब आता है तो कोई साथ नहीं होता बस एक तन्हाई रहती है
यही तन्हाई तब ज़िन्दगी की सारी कहानी कह जाती है
ये दौलत और जवानी एक दिन खो जाती है बस यादें रह जाती हैं
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