रात को जब सो जाते है लोग तब आशिक़ जागते रहते हैं

Posted by

रात को जब सो जाते है लोग तब आशिक़ जागते रहते हैं

अपनी महबूबा को याद कर सारी रात तारे गिनते रहते हैं

चकोर भी जब चंदा की तरफ देखता है प्यार से

तो वो नज़ारा भी बड़ा खूबसूरत होता है

सितारों की बारात निकलती है जब आसमान में

तो दिल मेरा कहता है कि तू भी डोली में बैठ कर आ जाये

जब तेरे हसीन चेहरे से मैं घूँघट उठाऊंगा धीरे धीरे

तो ना जाने तुम्हारा हुसन मुझ पर कितनी बिजलियाँ गिराएगा

पिया मिलान की बेला में ही सारी रात गुजर जाएगी 

साथ जीने मरने की कसमें खाने का भी मौसम होगा

इस घड़ी का इंतज़ार हर आशिक़ को होता है

जब पहलू में सर रख के महबूब के आशिक़ सोता है

पहली मुलाकात का ये मंज़र सोच कर दिल रूमानी हो जाता है

ये बहारें भी फूल बरसा देंगी मेरे महबूब की राहों में

जब तक ना हो जाये इश्क़ कबूल दर्द ऐ जुदाई हम सहते हैं

रात को जब सो जाते है लोग तब आशिक़ जागते रहते हैं