रूठना भी प्यार की निशानी होता है अगर कोई मनाने वाला हो
हसीनों को तो बस रूठने का बहाना चाहिए
अगर तुम पहचान लो अपने महबूब को बंद आँखों से भी
तो तेरे इश्क़ की कहानी शुरू हो जाएगी
फूल तो सभी देते हैं आशिक़ पर तुम अपना दिल पेश कर देना

ख़त में लिख देना अपने दिल की बेक़रारी प्यार की स्याही से
आज उनसे पहली मुलाकात होगी ऐसा लगता है मुझको
मस्त हवाओं का एक झोंका मेरे यार की खुश्बू लाया है
आते ही तुम जाने की बात मत किया करो
कभी तो कुछ खूबसूरत पल मेरे साथ बिताओ प्यार के
आईना क्या देखते हो तुम मेरे दिल में उतर कर देखो ना

जब भी तेरी तारीफ़ में कुछ लिखता हूँ तो अल्फ़ाज़ कम पड़ जाते हैं
कैसा ये इश्क़ है जो रात दिन तेरे ही ख्यालों में रहता हूँ
अब तक मैं जो कह ना सका आज मैं तुमसे कहता हूँ
मैं भी बनना चाहता हूँ आशिक़ पर कोई तो मुझको सताने वाला हो
रूठना भी प्यार की निशानी होता है अगर कोई मनाने वाला हो
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