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हमारी शादी के दिन अब नज़दीक हैं मेरे महबूब, जल्दी ही होगा हमारा मधुर मिलन

हमारी शादी के दिन अब नज़दीक हैं मेरे महबूब, जल्दी ही होगा हमारा मधुर मिलन

जब से तुमको देखा था तो दिल में ये अरमान था कि तुमको अपना बना लूँ

तेरे हसीन चेहरे को अपने पास रखूं और तेरी उलझी हुई जुल्फों को सुलझा दूँ

तेरी हर नज़र जब भी उठी है तो बहुत ही हसीन हो जाते हैं ये नज़ारे

दिल मेरा ये कहता है तुमसे कि अब तो मेरे प्यार भरे जज़्बात मोहताज़ हैं तुम्हारे

तुमको पाने की खातिर ना जाने क्या-क्या जतन मैंने किये हैं

कभी मिलना तो कभी बिछड़ना, बहुत से दर्द भी मेरे दिल ने सही हैं

तेरी उम्मीद और तेरा इंतज़ार किया है मैंने बरसों से

दिल मेरा बेकरार रहा है ना जाने कब से तेरी बस एक झलक पाने को

अब जाकर कुछ करार मिला है तेरे इस दीवाने को

जब मैंने तुमसे अपने प्यार का इज़हार किया तो दिल अपना थाम लिया

तेरी झुकी-झुकी नज़र ने आखिर मुझको कर ही लिया कबूल

क्या मैं तुमको भर सकता हूँ बाँहों में, कहीं ऐसा ना हो कि पिंघल जाएं हमारे तन-बदन

हमारी शादी के दिन अब नज़दीक हैं मेरे महबूब, जल्दी ही होगा हमारा मधुर मिलन

तेरी मोहब्बत और ये मेरी जवानी, कुछ तो गुल ज़रूर खिलाएगी

जब भी तुम बैठोगे तनहा, तो तुमको मेरी बहुत याद आएगी

एक पल की दुरी भी अब तो सही नहीं जाती मुझसे

बैठे रहो सामने मेरे और मैं बस तुम्हे देखता रहूं

होंठ रहें खामोश मेरे और दिल की बात मैं अपनी आँखों से कहूं

तुम्हे क्या लगता है, मुझे बेचैन करके क्या तुम भी चैन से रह पाओगे

रात को जब तुम तन्हाई में उठ कर सोचोगे मेरे बारे में

तो अपनी बाँहों के घेरे में तुम अपनी मासूम मोहब्बत को पाओगे

ये तेरा सजना और संवरना अब बस मेरी खातिर ही है

शरमा जाओगे मेरे बारे में सोचकर, जब भी तुम गालों पर लाली लगाओगे

मेहँदी लगा लो मेरे प्यार की अब और गोर-गोर बदन पर लगा लो चन्दन

हमारी शादी के दिन अब नज़दीक हैं मेरे महबूब, जल्दी ही होगा हमारा मधुर मिलन

थोड़ा सा तुम कर लो इंतज़ार, बस कुछ दिन की ये दूरी है

ये जानता हूँ मैं कि हमारा मिलना बहुत ज़रूरी है

तेरा और मेरा संगम होगा, इसका ऐलान कर रही हैं ये हसीन वादियां

चलो आज हम खो जाएं इन मस्त नज़रों में हाथों में डाल कर हाथ

चाहे सारी दुनिया छूट जाये पर हमेशा बना रहें तेरा मेरा साथ

मैं जब भी तेरे नज़दीक आता हूँ तो सांसें मेरी गर्म हो जाती हैं

दिल मेरा चाहता है कि बस आज और अभी मैं भर लूँ तुझको बाँहों में

इस जवानी पर कुछ तो रहम करो और छू लेने दो मुझको तेरा ये बदन

ऐसा ना हो कि रूप तेरा मस्ताना देखकर डोल जाये मेरा ये दीवाना मन

मैं तुझे जब भी बुलाऊँ, बस तुम जल्दी से आ जाया करो

जितनी देर भी मैं तुमसे प्यार करना चाहूँ, उतनी देर तुम कर दिया करो अपनी जुल्फों का साया

दो जिस्म और एक जान होने के लिए अब तो मैं बेताब हूँ, मैंने तो जहाँ भी देखा सिर्फ तुझको पाया

अपने सुर्ख लाल होठों को और ले आओ पास मेरे और हो जाने दो जो होना है आज के दिन

हमारी शादी के दिन अब नज़दीक हैं मेरे महबूब, जल्दी ही होगा हमारा मधुर मिलन