आज कॉलेज का पहला दिन था, एक हसीना से हुई मुलाकात हमें तो सदा याद रहेगी
क्या कहूँ दोस्तों, पहली मुलाकात हुई थी उससे कॉलेज के गेट पर
वो भी कॉलेज के गेट से अंदर दाखिल हो रही थी और मैं भी
जब पहली नज़र उसपर पड़ी मेरी तो मैं उसका दीवाना हो गया
बला की खूबसूरत थी वो, उसका दिल मेरे रहने का ठिकाना हो गया
मुझे देखकर जब उसने हलके से मुस्कुरा दिया
तो मेरा ये बेचारा दिल हो गया ख़ुशी से पागल
जल्दी से हमने एक-दूसरे का पूछा नाम और फिर मच गया चारों और नौजवानों का शोर-गुल
जब पता चला की हम-दोनों एक ही कक्षा के विद्यार्थी हैं
तो मेरा ये दिल ख़ुशी के मारे मानों उछल ही पड़ा था
जब मैंने देखा उसकी लहराती हुई काली-काली जुल्फों को
तो जैसे मेरा ये आशिक़-आवारा दिल उसके पीछे-पीछे चल पड़ा था
सब कुछ भूल कर वो ही मिल जाये बस यही एक फ़रियाद रहेगी
आज कॉलेज का पहला दिन था, एक हसीना से हुई मुलाकात हमें तो सदा याद रहेगी
धीरे-धीरे जब दोनों ने एक साथ क्लास में कदम रखे
तो क्लास में पढ़ने वाले नौजवानों के दिल भी ज़ोर से धड़के थे
सभी ने कहा हम-दोनों से कि तुम-दोनों एक साथ बहुत कमाल के लगते हो
जब मैंने उससे पूछा कि क्या ऐसा ही है तो वो थोड़ा सा शरमा गयी
बस और क्या कहूँ उसकी ये अदा मेरे दिल को जैसे भा गयी
थोड़ी देर में सभी ने कर दी एक ज़ोरदार डांस करने कि फरमाइश
मैंने भी डांस करने के लिए अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ा दिया
उसी पल लगता है कि मेरे दिल ने मुझे चकमा दिया
जैसे ही मेरे हाथों ने उसके गोर-गोर बदन को छुआ तो मुझे जैसे लगा था करंट
सांसें मेरी चलने लगी ज़ोर-ज़ोर से और दिल भागे ज़ोरों से जैसे निकला हो वारंट
बार-बार जब उसकी निगाहें कर रही थी मुझसे गुस्ताखियां
तो रह-रह मेरा ये दिल उससे जैसे पूछ रहा था कि कहाँ हैं तुम्हारी गलियां
ऐसे लग रहा था जैसे पूरी दुनिया मेरी बाहों में आकर सिमट गयी हो
ऐसा लगा मानों उस पल जैसे दिल की सिथति विकट हो गयी हो
हमारे उस डांस ने सभी का दिल जीत लिया और हम हो गए थे पॉपुलर
तुम्हारे साथ बिताये इन खूबसूरत पलों से इस दिल की दुनियां हमेशा आबाद रहेगी
आज कॉलेज का पहला दिन था, एक हसीना से हुई मुलाकात हमें तो सदा याद रहेगी
कॉलेज के पहले ही दिन हम-दोनों को ऐसा लगा जैसे बरसों की मुलाकात हो
फिर मैंने सोचा कि अब हम रोज़ मिलेंगे चाहे जो भी हालात हों
देखते ही देखते हम रोज़ मिलने लगे और अपनी चाहत का इज़हार भी करने लगे
मैंने कहा उनसे कि अब तो पढ़ने लिखने में दिल मेरा लगता नहीं
क्या करूँ कि किताबों में भी तुम्हारी ही सूरत को ढूंढ़ता रहता हूँ मैं
मैंने पूछा उससे कि क्या ये सिर्फ मेरे ही हालात हैं या तुम भी ऐसा महसूस करती हो
कहीं ऐसा ना कि मेरी ये मोहब्बत एकतरफ़ा हो और तुम मुझपे ना मरती हो
फिर उसने वो कह डाला जो एक जवान लड़का एक लड़की से सुनना चाहता है
उसने प्यार भरे लहजे में मुझसे कहा कि मैं तो दिलों-जान से तुम पर मरती हूँ
मेरा दिल हैं तुमने लूट लिया और मैं तुमसे बहुत ही ज्यादा प्यार भी करती हूँ
फिर मैं उनसे कहा कि तुम्हारी यही दिलकश अदा एक दिन मुझे बर्बाद करेगी
आज कॉलेज का पहला दिन था, एक हसीना से हुई मुलाकात हमें तो सदा याद रहेगी
धीरे-धीरे कॉलेज के दिन गुजरते रहे और हम एक-दूसरे के और भी ज्यादा करीब आते रहे
जब भी हम मिलते तो बारिश भी होती और गीत मिलन के हम गाते रहे
फिर हमारी पढ़ाई पूरी हो गयी और कॉलेज लाइफ का आखरी दिन भी आ पहुंचा
सभी दोस्तों की आँखें थी नम और वो एक-दूसरे से ले रहे थे विदा
मैंने भी अपना दिल थाम लिया और अपनी महबूबा को अपनी बाहों में भर लिया
उसने कहा कि मैं तो अब अपने घर चली जाउंगी, अब हम रोज़ कैसे मिल पाएंगे
मैंने भी उससे कह दिया कि तुम मुझको अपना पता दे दो हम तुमको मिलने आएंगे
और फिर देखते ही देखते वो मेरी आँखों से दूर हो गयी
उसने अपने शहर के लिए गाड़ी पकड़ी और वो अपने घर चली गयी
कुछ दिन तो बिना मिले ही गुजरे फिर एक दिन मेरा दिल उसके लिए तड़प उठा
मैंने भी गाड़ी पकड़ी और उसके शहर कि तरफ तेज़ी से रवाना हो गया
जब मैं रस्ते में था तो दिल मेरा काफी घबराया और ना जाने कैसे-कैसे ख्याल अजीबो-गरीब आते रहे
धीरे-धीरे कॉलेज के दिन गुजरते रहे और हम एक-दूसरे के और भी ज्यादा करीब आते रहे
जब मैं उसके दिए पते पर उसके घर पहुंचा तो उसके घर वालों ने पूछा कि मैं कौन हूँ
मैंने कहा कि हम दोनों कॉलेज में एक-साथ पढ़ते थे और हमारी दोस्ती ज़माने में मशहूर थी
उसके घर वालों ने मुझसे कहा कि तुमने आने मैं देर कर दी
हमने तो उसकी शादी कहीं और तय कर दी
उसके घरवालों ने मुझसे वापिस जाने के लिए फ़रियाद की और कहा कि जो हुआ उसे मैं भूल जाऊं
ये सब सुनकर मैं तो रह गया हक्का-बक्का और मेरे पैरों के निचे से तो जैसे निकल गयी ज़मीन
मेरा दिल सच में उस दिन बहुत रोया था और याद आ रहे थे वो पल जो कभी लगते थे बहुत हसीन
अपने दिल पर पत्थर रखकर मैं वहाँ से वापिस आ गया और मैं कर भी क्या सकता था
आज जब भी मैं किसी कॉलेज के पास से गुजरता हूँ तो उसकी याद आ जाती है
मेरे इन सूखे हुए होठों पर वही एक भूली-बिसरी सी फ़रियाद फिर से आ जाती है
गुजरते वक़्त के साथ दर्द मेरा बढ़ता जाता है और मेरा ये नसीब भी बिगड़ता जाता है
तुम आज हो गयी हो हकीकत में मुझ से दूर ये बात भला अपने दिल को कैसे हम समझाते रहे
तेरे इश्क़ की मासूम राहों में मेरी ये अनजान सी मोहब्बत यूँ ही हमेशा अब बर्बाद रहेगी
आज कॉलेज का पहला दिन था, एक हसीना से हुई मुलाकात हमें तो सदा याद रहेगी
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