ये समंदर की लहरें जब भी तेरे गोरे-गोरे बदन से टकराती हैं तो मेरे दिल में तूफ़ान उठाती हैं

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ये समंदर की लहरें जब भी तेरे गोरे-गोरे बदन से टकराती हैं तो मेरे दिल में तूफ़ान उठाती हैं

सच पूछो तो मुझे समंदर बहुत ही पसंद है और मैं आती-जाती लहरों को घंटों तक देख सकता हूँ

मेरी ज़िन्दगी भी इन लहरों के उतर-चढ़ाव की तरह ही तो है, ख़ुशी हो या हो ग़म मैं दोनों का स्वाद चखता हूँ

जब भी देखता हूँ मैं सूरज की किरणों को समंदर की लहरों पर पड़ते हुए

तो ऐसा लगता है कि तेरा भीगा बदन सोने की तरह चमक रहा हो

आज शाम से ही इस किनारे पर लोगों का जमघट लगा है

पर मेरा ये मन तो जैसे भरी भीड़ में भी अकेला है

मुझको है तलाश किसी साथी की जो मेरे जीवन की बगिया को महका दे

छू कर गुजरे जब भी उसको ये हवा, तो वो अपनी खुशबू से जिसको चाहे उसको बहका दे

आज पहली बार देखा है तुमको सागर किनारे, मेरी ये आंखें अब सपने साजन के सजाती हैं

ये समंदर की लहरें जब भी तेरे गोरे-गोरे बदन से टकराती हैं तो मेरे दिल में तूफ़ान उठाती हैं

तुम बिलकुल वैसी ही हसीन लगती हो, जैसा मैंने अपने ख्यालों में सोचता था

तेरी तस्वीर तुझसे मिलने से पहले ही मेरी इन आँखों में बसी है

बहुत गजब का है ये यौवन तुम्हारा और चेहरे पे तुम्हारे एक मासूम सी ख़ामोशी है

तेरा दीदार ही अब तो मेरे जीने का मकसद बन गया है

चाहे मैं घर पे रहूं या फिर बाहर, मेरे कदम तो बस तेरी और ही चलते हैं

आओ आज हम-तुम मिल जाएं और फिर एक साथ चाहत की इस आग में हम दोनों पिंघलते हैं

समंदर की लहरों का शोर मेरे दिल की धड़कनों तक पहुँच रहा है

तुम से मिलने की तमन्ना में मेरा ये बेकरार दिल आज फिर से मचल रहा है

कभी तो बिठा लो मुझको अपनी चाहत की कश्ती में और दूर तक घुमा दो

बस एक मैं हूँ और एक तुम हो और दूसरा कोई नहीं, कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाये

बीच समंदर के ही मैं कर दूँ तुमको अपना इज़हार-ऐ-मोहब्बत और तुम मुझको कर लो कबूल

अपना समझ कर माफ़ कर देना मुझको, अगर हो जाये मुझसे कोई प्यारी सी भूल

जब भी तुमको मैं छूता हूँ तो मेरी ये साँसे तुझसे टकराकर एक साज नया बजाती हैं

ये समंदर की लहरें जब भी तेरे गोरे-गोरे बदन से टकराती हैं तो मेरे दिल में तूफ़ान उठाती हैं

तेरी आँखें भी तो सागर जैसी हैं और मैं डूब जाना चाहता हूँ इन आँखों की गहराई में

अब छोड़ो शरमाना और करीब मेरे आ जाओ हमेशा के लिए, क्या रखा है इस जुदाई में

आओ हम दोनों समा जाएं एक दूजे में ऐसे जैसे कि समंदर की लहरें

कहीं ऐसा ना हो कि लोग लगा दें हम दोनों के मिलने पर पहरे

चाहे जो भी मैं तो तुम्हारा ही होना चाहता हूँ सदा के लिए

ये समंदर का किनारा इस बात का गवाह है कि मैं तो बस फ़िदा हूँ तुम पर

आज मैं अपने दिल पर हाथ रखकर तुमसे बस इतना ही कहूँगा

चाहे अपना बना लो या फिर चाहे तुम ठुकरा दो मुझको, पर मैं हमेशा तुम्हारा ही रहूँगा

तेरा ये भीगा-भीगा बदन और ये तेरी काली-काली आँखें, ये सब मिलकर मेरी नींद और चैन चुराती हैं

ये समंदर की लहरें जब भी तेरे गोरे-गोरे बदन से टकराती हैं तो मेरे दिल में तूफ़ान उठाती हैं

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