दिल में है उम्मीद की रौशनी और हौंसले भी बुलँद हैं
पँख फैला कर आसमान की ऊंचाई को छूना हैं मुझे
जिस सफर पर मैं निकला हूँ वो माना कि आसान नहीं
पर जो मुश्किल से हाँसिल हो उसी की कीमत होती है

यूँ तो लाखों हैं जो जी रहे हैं ज़िन्दगी ग़ुमनामी में
मैं अपना कुछ नाम करना चाहता हूँ ज़माने में
ये ज़िन्दगी हमें मिली है कुछ कर दिखाने को
आओ आज कुछ मकसद बना कर चलते हैं
ये तो सच है कि हर राह को मँज़िल नहीं मिलती
अगर इस रात की सुबह ना हो तो भी चलते जाना है

हर रोज़ तुझे अपने आप से ये वादा करना है
कि तू कभी भी ना तो रुकेगा और ना ही झुकेगा
चाहे लाख तूफ़ान आये तेरी कश्ती को साहिल मिले या ना मिले
पर तू हर कदम अपना बढ़ाता रहेगा जब तक है जान
एक दिन आएगा जब ख़ुदा पूछेगा तुझसे कि तेरी रज़ा क्या है
दिल में हैं उम्मीद की रौशनी और हौंसले भी बुलँद हैं
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