छू लो आज तुम मुझे दिल से और बना दो प्यार के काबिल
तेरे इंतज़ार में ये दिल ना जाने कब से बेकरार है
मेरी इन आँखों में तेरे लिए बस प्यार ही प्यार है
चल रहा हूँ मैं तेरे पीछे सब कुछ छोड़ कर आज
गुम हूँ मैं तेरे ही ख्यालों में छोड़ कर अपने सब काम-काज
पता नहीं क्यों आजकल दिन में भी ख्वाबों का सिलसिला है
तेरा नाम लेते ही दिल मेरा हर बार गुलाब की तरह खिला है
पेश कर रहा हूँ मैं तुमको आज अपना प्यार भरा दिल
अगर तुमने मुझको नहीं अपना तो फिर होगी बहुत मुश्किल
चले जाना अभी तो आए हो, तुम्हे इस बहार का वास्ता
तेरे साथ चलने से महक जायेगा ये वीरान पड़ा रास्ता
कोई तुम्हे दिल देता है तो कोई तुम्हे गुलाब भेजता है
पर मेरे पास तो देने के लिए कुछ भी नहीं जज्बात के सिवा
ना जाने आजकल क्यों तुम हो जाते हो मेरी हर बात पर खफा
ये जो दिल्लगी तुमने शुरू की थी, आज मेरी जान पर बन आई है
वैसे तो हाँसिल है इस ज़िन्दगी में बहुत कुछ, पर शायद तेरी कमी आज भी है
तेरी मस्त निगाहों का आशिक़ हूँ मैं, तुम यकीन करो मेरा
किसी का भी नाम लूँ, पर नाम तेरा ही ज़ुबाँ पर आता है मेरे
तुम इस तरह से हो चुके हो मेरी ज़िन्दगी में शामिल
छू लो आज तुम मुझे दिल से और बना दो प्यार के काबिल

जब भी कभी मेरा ये दिल उदास होता है
तूँ है कहीं आस-पास मेरे, ये एहसास मुझको होता है
ये बारिश की बूँदे मेरे बदन को जला रही हैं
ऐसे में तुम अगर मिलने आ जाओ तो कुछ राहत मिल जाए
तेरी आँखों का ये नीलापन मुझे याद दिलाता है समंदर की
तेरी जुल्फें हैं या सागर की लहरें, कुछ भी कहना मुश्किल है
कल तक तो सीधा था मेरी ज़िन्दगी का हर एक रास्ता
पर जबसे तुम मिले हो, जीने की हर राह मुझे तेरी तरफ ले जाती हैं
बिठा लूँ आज तुम्हे मेरी पलकों पर, मेरी साँसे हर पल ये दोहराती हैं
नहीं चाहिए मुझे इस ज़माने की शानो-शौकत और दौलत
मेरी तो जागीर बस तेरी ये मस्त निगाहें हैं
चलने दे मुझको भी साथ तेरे, ऐ मेरे हमसफ़र
मैं भी आज भटक जाना चाहता हूँ तेरी इन गलियों में
मेरा पता ना जान पाए कोई भी, बस मेरी तो यही ख्वाहिश है
कैसे भी करके तुम बन जाओ मेरी, मेरे दिल की तो यही साज़िश है
मुस्कुरा कर दीवाना बना लेना, ये तुमको खूब आता है
जला कर मुझ जैसे दीवाने को, तुमको तो मज़ा बहुत आता है
बता दो मुझको आज तुम, कब आएगी हमारे मिलान की बेला
तुम्हारे आने पर मैं सजा दूंगा इन राहों को फूलों की तरह
ये जानता हूँ मैं कि तुम भी चाहती हो मुझको लेकिन फिर भी
कभी-कभी अपनी मोहब्बत का इजहार करना ज़रूरी होता है
याद में तेरी जागता रहता हूँ मैं जब ये सारा जहान चैन से सोता है
अब हर वक़्त मैं ये सोचता रहता हूँ कि कैसे मैं तुमको कर लूँ हाँसिल
छू लो आज तुम मुझे दिल से और बना दो प्यार के काबिल

तेरे आने से आ जाती है इस वीराने में बहार
बारिश की पहली बूँद जैसा है ये तेरा मेरा प्यार
बरसा दो आज तुम अपने लबों का मीठा-मीठा रस मुझ पर
छू कर मेरे इस प्यासे मन को तुमने जगा दिया है मेरे अरमानों को
बस एक बार तुझको अपनी बाँहों में भर लूँ तो चैन आ जाए मुझ जैसे दीवाने को
कभी हाँ तो कभी ना करने की ये आदत अब छोड़ भी दो तुम
मुझसे रिश्ता जोड़कर, इस ज़माने से रिश्ता तोड़ दो तुम
शायद मैं ये राज़ भी अब तुमसे नहीं छुपा सकूंगा कि मैं तुम पर मरता हूँ
अब यही है आरज़ू मेरी, ये जान लो तुम कि मैं कितनी मोहब्बत तुमसे करता हूँ
अगर तेरी जवानी है सागर की लहरों सी तो मेरा दिल है साहिल
छू लो आज तुम मुझे दिल से और बना दो प्यार के काबिल
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