तुझे देखते-देखते अगर मैं तेरी इन मस्त आँखों में खो गया तो क्या होगा
कहाँ से शुरू करूँ मैं तुम्हारी तारीफ करना, तुम तो सर से पैर तक क़यामत हो
अगर यूँ ही हम मिलते रहे इन हसीन वादियों में, तो शायद हमारे बीच कुछ प्यार भरी बात हो
तेरी एक झलक पाए बिना तो दिल ये मेरा बहुत ही बेकरार हो जाता है
मैंने सुना है कि जिसका ये हाल हो जाता है उसको फिर प्यार हो जाता है
भुलाये से भी नहीं भूलती मुझको तुम्हारी ये भोली सी सूरत
तुम तो जैसे हो प्यार, इश्क़ और मोहब्बत की एक खूबसूरत सी मूरत
प्यार हो या इकरार हो ये तो सच है कि तड़पना तो दोनों हाल में ही है
इश्क़ करने वालों के हिस्से में अगर कुछ फूल है तो बहुत से कांटे भी है
ये एक ऐसा जूनून है जो आशिक़ो के सर पर चढ़ कर बोलता है
अब ये देखना है कि कौन अपने दिल का दरवाजा पहले खोलता है
जज्बात मेरे फिर से जागे हुए हुए हैं आज , ऐसा लगता है कि तूने मुझे याद किया होगा
तुझे देखते-देखते अगर मैं तेरी इन मस्त आँखों में खो गया तो क्या होगा

दिल तो मेरा तुमने चुरा ही लिया है, अब तो शामिल कर लो मुझे अपनी ज़िन्दगी में
तुम सामने हो मेरे पर मैं तुमको पा ना सकूँ, क्या ख़ाक मजा है ऐसे जीने में
मेरे इन होठों पर हर वक़्त अब तो बस तेरा ही नाम है
बस याद तुझे करता हूँ हर वक़्त, मुझे तो अब और कोई ना काम है
चलूँगा मैं साथ तेरे हर कदम, तूँ मुझे एक बार आजमा कर तो देख ले
जहाँ भी तुम रखोगी कदम, मैं अपनी ये पलकें वहाँ पर बिछा दूंगा
मेरे दिल पर आज काली घटाओं की तरह से कुछ बेखुदी सी तो छाई है
ये जो चली है हवा आज, ये पैगाम तेरे आने का लेकर आई है
मुझे तेरे इश्क़ पर तो यकीन है खुद से भी ज्यादा
पर तुम भी कभी तो करो मुझसे कहीं पर मिलने का वादा
दिल पर मेरे जो बीत रही है वो तुम क्या जानो मेरे महबूब
मैं तो डर जाता हूँ तुमसे बिछड़ने के ख्याल से ही
ये मिलन और जुदाई की बातें तुम ज़रा काम ही किया करो
तुम्हे जो भी हो पसंद, बस वो ही बातें अब मुझे करनी हैं
तेरा प्यार पाने की खातिर मैं बन जाऊंगा आशिक़, बाकी हर पहचान मैं अपनी मिटा दूंगा
तुझे देखते-देखते अगर मैं तेरी इन मस्त आँखों में खो गया तो क्या होगा

कब तक यूँ ही मैं गुज़ारता रहूँगा तन्हा ये रात और दिन
क्या मुझे ऐसे ही डसती रहेगी ये बैरन विरह की नागिन
तुझे अब मैं रखता हूँ मेरी तक़दीर की तस्वीर की तरह
मेरी तो हर सांस लिख दी है मैंने नाम तेरे अपनी जागीर की तरह
ये दो नैनो की डोली में मैंने तो बस तुझको ही बिठाया है
तेरी तस्वीर को ना जाने कब से मैंने अपने सीने से लगाया है
मेरे हाथों की इन लकीरों में तेरा चेहरा तलाश करता हूँ मैं
जबसे पता चला है मुझको की हमारी जोड़ी बनी है आसमान में
वैसे भी तुम्हारी खूबसूरती इस जहान से कहीं ऊपर है ईमान से
मेरे लिए तो इतना ही काफी है कि तुम मुझे कभी-कभी देख लेती हो प्यार से
अगली बार के करम कब होगा मुझ पर, बस बैठा हूँ मैं तो इसी इंतज़ार में
कहीं ऐसा ना हो जाए कि मैं तेरी तलाश में पहुँच जाऊँ तेरे घर तक
अगर ऐसा हुआ तो कहीं तुम नाराज़ ना हो जाना
मुझे दीवाना समझ कर माफ़ कर देना और बना देना कोई खूबसूरत सा बहाना
जब तक ये सूरज और चाँद रहेगा तब तक यूँ ही ये इश्क़ की दास्तान जिन्दा रहेगी
फिर कोई प्रेमी अपने दिल की बात कहेगा और ये दुनिया उसको समझ ना पायेगी
अगर ऐसे में मैं ये फैसला कर लूँ कि मेरा दिल तेरे नाम हो गया तो क्या होगा
तुझे देखते-देखते अगर मैं तेरी इन मस्त आँखों में खो गया तो क्या होगा
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