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जीत लेंगे हम हर बाज़ी ज़िन्दगी की अगर तुम साथ दो

जीत लेंगे हम हर बाज़ी ज़िन्दगी की अगर तुम साथ दो

मंज़िलें हमारा इंतज़ार कर रही हैं

चलना होगा हमें साथ मिलकर हर रोज़

देखते है ये मुश्किलें हमारा क्या बिगाड़ लेंगी

तुम मुस्कुराती हो तो भूल जाता हूँ मैं सारे ग़म

तेरा हाथ पकड़ कर मैं दुनियाँ बदल सकता हूँ

मुझे परवाह नहीं लोगों के तानों की अब

मैं तेरे साथ मिलकर हर मुश्किल को आसान कर लूँगा

माना कि आज कोई नहीं जानता हमको ज़माने में

पर तेरे प्यार की बदौलत हम हर मकाम हांसिल कर लेंगे

एक दिन आएगा जब हमारा भी नाम होगा आसमान पर

लोग पूछेंगे तो बता दूँगा कि ये तेरी मोहब्बत का असर है

चलो निकल पड़े ज़िन्दगी के सफर पर एक साथ झूमते हुए

हर रोज़ हम अपनी कामयाबी का जशन मनायेंगे

जीत लेंगे हम हर बाज़ी ज़िन्दगी की अगर तुम साथ दो