तुझे बस एक बार फिर से देख लूँ तो मेरे इस बेचैन दिल को कुछ तो करार आ जाए

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तुझे बस एक बार फिर से देख लूँ तो मेरे इस बेचैन दिल को कुछ तो करार आ जाए

जब देखा था तुझको पहली बार तो ये तो ना सोचा था कि एक दिन तुम मुझे रातों को जगाओगे

तड़पाकर मेरे दिल को लोगे मज़ा, जितना मैं आऊंगा पास तेरे तुम उतना ही दूर मुझसे जाओगे

तुम ये जो कहती हो कि अभी हम दोनों की उम्र नहीं हुई है कि हम करें प्यार

तुम क्या जानों कि हम अब जवानी की दहलीज़ पर रख चुके हैं अपने पैर

बचपन अपनी खूबसूरत यादें देकर अब पीछे छूट गया है और यौवन है अब चरम पर

मेरे इतना करीब आकर अब मेरी इन ठंडी आहों को तूँ  यूँ ना गरम कर

ये जो मीठा-मीठा सा दर्द है इस दिल का, अब इसको तो छुपाना मुश्किल है

अब तो मशहूर हो रहे हैं हमारे किस्से इस ज़माने में, सब को पता है कि मुझे दर्द-ऐ-दिल देने में तूँ शामिल है

कभी तो आकर मिलो तुम अपने इस दीवाने से, शायद कभी तुम्हारे लबों पर हमारी मोहब्बत का इज़हार आ जाए

तुझे बस एक बार फिर से देख लूँ तो मेरे इस बेचैन दिल को कुछ तो करार आ जाए

तुम्हे क्या पता कि हम तुम्हे ना जाने कहाँ-कहाँ ढूंढ रहे हैं, मेरे पास तो तेरी कोई तस्वीर भी नहीं

बस तेरी हसीन सूरत मैंने अपनी इन आँखों में छुपा रखी है, तुम्हे पा लूँ मैं ऐसी तो मेरी तक़दीर भी नहीं

ना जाने मेरी ये आशिकी तुझ पर कोई असर छोड़ पायेगी या नहीं

मैं तो हर पल बस तेरे ख्यालों में ही खोया-खोया रहता हूँ

तेरी इन मदहोश आँखों का ही है ये कसूर सारा, जो मैं दिन में भी सोया-सोया रहता हूँ

मेरी ज़िन्दगी की अब बस एक ही ज़रूरत है और वो हो सिर्फ तुम

मेरे चेहरे पर एक हसीन मुस्कान लाकर, कहीं तुम हो ना जाना कहीं गुम

ये तो यकीन है मुझको कि तुमसे जुदा होकर मैं कहीं भी चैन से नही रह पाउँगा 

जहाँ भी मैं जाऊंगा तेरे बिना अकेला, अपने आप को और भी ज़्यादा तनहा मैं पाउँगा

ये जो चढ़ती जवानी की अदाएं है तेरी, इन अदाओं से तुम क़यामत ला सकती हो

मेरे दिल का हो जाता है हाल बुरा जब तुम मुझे अपनी झुकी-झुकी निगाहों से तकती हो

तुम आओ ज़रा सा और पास मेरे, ले लूँ मैं तुम्हारी सारी बलाएं

तुझे बस एक बार फिर से देख लूँ तो मेरे इस बेचैन दिल को कुछ तो करार आ जाए

किसी को पाना या फिर किसी का हो जाना, ये सब तो नसीब का खेल है

कोई तो किसी को रखता है पास अपने हर वक़्त, तो किसी का अपने सनम से होता ना कभी मेल है

मुझे तेरी इस मोहब्बत में तुझसे कोई भी शिकायत नहीं है, ये मैं कहता हूँ कसम तेरी खाकर

तुम भी कभी मुझे अपना कह दो एक बार दिल से पास मेरे आकर

तेरी हर एक याद को संभाल कर रखा है मैंने और बच्चे की तरह पाला है

तुम आ रही हो मुझसे मिलने आज, ये दिन बेहद ही खूबसूरत और नसीबों वाला है

मुझे तेरे सिवा कोई और नज़र आता नहीं, जबसे मिले हैं नैन

तुझे ना देखूं अगर मैं तो ये दिल मेरा हो जाता है बेचैन

प्यार कोई खेल नहीं ये तो सुना है मैंने भी, पर फिर भी प्यार करने की जुर्रत मैंने की है

अभी ना पूछो कुछ भी मुझसे अभी मैं होश में नहीं, तेरी आँखों से मैंने आज पी है

तेरी दीवानगी कुछ इस तरह से मेरे दिलो-दिमाग पर छाई है

जितना भी मैंने तुझको भुलना चाहा, उतनी ही ज़्यादा तेरी याद आई है

तुम अगर एक बार मुस्कुरा कर देख लो तो मेरे दिल के इस वीरान पड़े चमन में फिर से बहार आ जाए

तुझे बस एक बार फिर से देख लूँ तो मेरे इस बेचैन दिल को कुछ तो करार आ जाए

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