अगर तेरा जीवन उदासी से भरा है तो तुझे अपने भीतर झांकना ही होगा
अपने जीवन की उदासी को तुम अपनी गलतियां समझ कर मत छोड़ देना
तुम्हे अपने भीतर झांक कर देखना होगा कि तुमसे कहाँ भूल हुई है
ये ज़िन्दगी जिंदादिली से जीने के लिए है इसमें कायरों के लिए कोई जगह नहीं
तुझे अपनी ज़िन्दगी को ढोना नहीं बल्कि जीना है
इस ज़िन्दगी से तुझे लड़ना नहीं बल्कि इसका आनंद लेना है
ज़िन्दगी के हर पल का अपना मज़ा है बस इसको देखने वाली नज़र चाहिए
अपने जीवन को जीना है तो फिर सरलता से जिओ, इसी में ज़िन्दगी का फलसफा है
किसने क्या कहा और क्यों कहा, इस बात को भूल जाओ
तुम्हे अपने दिल के हर एक कोने में बस खुशियों को जगह देनी है
ये धन दौलत, महल और चौबारे कभी किसी को असली खुशियां नहीं दे पाए आज तक
जो खुश रहना जानता है वो हर हाल में अपनी खुशियां ढूंढ ही लेता है
मैंने देखा है लोगों को महलों में भी उदासी से भरी ज़िन्दगी जीते हुए
सीधे-सादे और भोले-भाले लोगों को तो नींद आ जाती है पत्थर पर भी
ये भोग-विलास और ऐश्वर्य तो बस एक छलावा ही है और कुछ भी नहीं
हक़ीक़त क्या है इस ज़िन्दगी की, इसको तुमने अभी तक पहचाना नहीं
क्या सच है और क्या झूठ है इस जीवन में, इसे तो तुझे खुद ही आंकना होगा
अगर तेरा जीवन उदासी से भरा है तो तुझे अपने भीतर झांकना ही होगा

स्वर्ग और नरक की परिभाषा क्या है, इसको जानकार क्या करोगे तुम
असली बात तो ये है कि स्वर्ग और नरक तो बस यहीं है, इसको कब स्वीकार करोगे तुम
ज़िन्दगी तो एक बहते पानी की तरह है, तुम इसको कभी भी रोक ना पाओगे
जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी तो उदासी बढ़ती जाएगी, यूँ ही व्यर्थ मत गवां देना अपनी ज़िन्दगी को
इस उदासी के आलम से बाहर निकल कर खुशियों को अपने घर का पता दे दो
छट जायेंगे ये दुःख के बादल भी, तुम बस अपनी उम्मीदों की हवा को बह जाने दो
ना तो रुकना है और ना ही दौड़ना है, तुम्हे तो बस चलते जाना है अपनी धुन में
वो लोग अक्सर प्यासे रह जाते हैं जो रहते हैं नदिया के किनारे
प्यास बुझा लेते हैं दूर से आने वाले क्यूंकि उनको पता है कि प्यास बुझाने के बस यही एक मौका है
ज़िन्दगी भी दूसरा मौका कभी नहीं देती इस बात को समझ लो और जान लो
एक-दूसरे से आगे निकलने की ये अंधी दौड़ तुम्हे कहीं भी नहीं ले जाएगी
कभी मौका मिले तो कुछ देर ठहर कर ये सोचना कि तुमने क्या खोया और क्या पाया है
चंद सिक्कों की खातिर तुमने अपने सुकून का सौदा ही कर डाला
और अब ये कहते हो कि नींद आती नहीं तुमको अब रातों में
अभी भी वक़्त है, संभल जाओ और अपनी ज़िन्दगी जीने का अंदाज़ बदल डालो
ये मुश्किलें जीवन की, कभी नहीं कहेंगी तुमको अलविदा, तुम्हे इन्ही मुश्किलों के साथ ही जीना होगा
बुरे से बुरे वक़्त में भी जो मुस्कुरा लेता है, किस्मत भी उस शख्श को सर आँखों पर बिठा लेती है
शांत हो जाती है समंदर की उफनती लहरें भी उसको देखकर, जो इन लहरों की सवारी करना जानता है
तेरे अंदर की सभी परेशानियों को अब तुझे बेफिक्री की खूंटी पर टांगना ही होगा
अगर तेरा जीवन उदासी से भरा है तो तुझे अपने भीतर झांकना ही होगा

जो भी होना है वो हो जायेगा अपने आप ही, तुम बस अपनी व्यर्थ की सोच को बीच से हटा दो
अगर तुम आनंदित होना चाहते हो तो, इस जीवन को उम्मीद से भरी नज़र से देखो
खुशियां बिखरी पड़ी है तेरे चारों तरफ, तुझे तो बस अपनी झोली फैला कर इनको इक्कठा करना है
अपने आनंद को अभिव्यक्त करो, कभी नाचो तो कभी मुस्कुरा दो, इस जीवन को एक उत्सव बना दो
मैंने सुना है कि बांटने से बढ़ती हैं खुशियाँ, इसलिए सबसे हमेशा प्यार से मिला करो
ये मन तो भरोसे के काबिल नहीं, जिसको जब चाहे भटका देता है
उलटे-सीधे विचार करते रहते हैं पीछा, और मन उलझी हुई ज़िन्दगी को और उलझा देता है
ये डूबी-डूबी सी जीवन की नैया, एक बार फिर से अपने लिए किनारा ढूंढ रही है
जब भी इंसान भय से भरा होता है तो फिर उसे कुछ भी दिखाई नहीं देता
ये अनजाना सा डर क्यों सताता रहता है तुमको, कभी इसको जानने की कोशिश भी करो
सुनी सुनाई बातों पर भरोसा मत किया करो, कभी-कभी खुद देख कर परखा भी करो
दिल के अंदर जो एक टीस सी उठती है तुम्हारे, उसको तुम दबाया ना करो
अपने भीतर उठते तूफ़ान को ही अपनी ताकत बनाया करो
अगर अभी तक ज़िंदा हो तो फिर ज़िंदा होने का एहसास भी होना चाहिए
ये ज़िन्दगी यूँ ही ना बीत जाये ख्यालों में, हकीकत में भी हर पल ख़ास होना चाहिए
खुद को बेहतर करने की ज़िद अगर होगी तो फिर मुश्किल तुझे रोकना होगा
अगर तेरा जीवन उदासी से भरा है तो तुझे अपने भीतर झांकना ही होगा

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