किसी को इतना भी ज्यादा वक़्त मत दो कि वो तुम्हारी क़द्र ही करना छोड़ दे

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किसी को इतना भी ज्यादा वक़्त मत दो कि वो तुम्हारी क़द्र ही करना छोड़ दे
ऐसा भी होता है कभी-कभी जीवन के इस सफर में
हम कुछ ज्यादा ही सोचने लगते हैं दूसरों का ख्याल रखने के बारे में
हर वक़्त कोशिश रहती है कि हमारे आस-पास के लोग हमेशा खुश रहें
लेकिन ये भी हक़ीक़त है कि किसी के लिए चाहे आप कितना भी कर लो
एक दिन आएगा जब कोई भी तुम्हारी भावनाओं की क़द्र नहीं करेगा

उस दिन जब तुम पीछे मुड़कर देखोगे तो बहुत पछताओगे
इसलिए दूसरों के लिए उतना ही करो जितना तुम आराम से कर सकते हो
सब की ख़ुशी देखना अच्छी बात है लेकिन खुद का ख्याल रखो
ये ज़िन्दगी बस एक ही बार मिलती है इसका पूरा मज़ा लो
जब कभी लगे कि तुम जज्बाती हो रहे हो तो ज़रा सा संभल जाओ
प्यार, इश्क़ और मोहब्बत की बातें हर किसी से करना सही नहीं हैं

जिनको आज तुम ज़ाहिर कर रहे हो अपने दिल के जज्बात कल वो तुम्हारे मज़े लेंगे
अपने आईने पर इतना भी ना इतराओ कि कल को वो तुम्हे पहचानना छोड़ दे
किसी को इतना भी ज्यादा वक़्त मत दो कि वो तुम्हारी क़द्र ही करना छोड़ दे
कुछ नहीं रखा है फ़िज़ूल की बातों में, अपने दिमाग को ठंडा और शांत रखा करो
जो भी आपकी ज़िम्मेदारियाँ हैं उनको निभा दो पूरी ईमानदारी से
लेकिन कभी भी किसी से कुछ भी उम्मीद मत रखना अगर खुश रहना हो तो

सारी उम्र तेरी यूँ ही ना बीत जाए, सब को खुश करने के चक्कर में
कुछ समय खुद के लिए भी निकालो और जी लो कुछ पल सुकून के
बाहर की दौड़-भाग छोड़ कर कभी अपने दिल की आवाज़ को भी सुन लो
झांक कर देख लो खिड़की के बाहर भी और कुछ ताज़ी हवा के झोंके को महसूस कर लो
छोड़ दो ऐसे लोगों के बारे में सोचना जिन्हे तुम्हारे प्यार की ज़रा भी क़द्र नहीं
हमेशा रहो ऐसे लोगों के बीच में ही जो दिल से तुम्हे चाहते हो
वैसे भी जिसके पीछे हम भागते हैं वो चीज़ ज़िन्दगी हमें कभी नहीं देती
इसलिए छोड़ दो लोगों का पीछा करना एक दिन वो खुद चल के तेरे पास आएँगे

मैं नहीं जानता कि ज़िन्दगी का सफर मेरे आसान रहेगा या फिर मुश्किल
ना जाने क्या बात है कि कभी-कभी बहुत ही तनहा और उदास हो जाता है ये मेरा छोटा सा दिल
अगर प्यार करना ही है तो कुदरत के हसीन नजारों को अपनी पलकों पर बिठाना सीख़ लो
कहीं तुम्हे पछतावा ना करना पड़े किसी की बातों का इसलिए हर किसी पे मरना छोड़ दो
किसी को इतना भी ज्यादा वक़्त मत दो कि वो तुम्हारी क़द्र ही करना छोड़ दे
वैसे तो कमी नहीं है इस ज़माने में हसीनों की, पर वफ़ा की बातें तो जैसे काफी पीछे छूट चुकी हैं
जिसको देखो बस अपने में ही मसरूफ है, किसी के पास वक़्त नहीं अपनों से मिलने का

जब तक तुम लोगों को देते रहोगे, तब तक वो जाएंगे तुम्हारा ही गुणगान
पर जिस दिन तुमने उन लोगों से कुछ मांग लिया उसी दिन हो जायेगा घमासान
जब भी तुझ पर मुसीबत पड़ेगी, तो बहुत से लोग तुझसे अपना पीछा छुड़ाने लगेंगे
इसलिए सोच समझ कर अपनी जानकारी के दायरे को बढ़ाना होगा
ये दुनियाँ तुम्हारे बिना भी यूँ ही चलती रहेगी
इसलिए अपनी किसी भी बात पर कभी भी नाज़ ना करना
अगर किसी से प्यार करते हो समय रहते इजहार भी कर देना
कहीं ऐसा ना हो कि दिल की बात करने में तुम देर कर दो

और तुम्हारे दिल की महबूबा को कोई और शख्श ले जाए
पर कुछ महबूबा ऐसी भी होती हैं जिनको चाहे तुम अपना दिल भी निकल के दे दो
वो कभी भी तुमसे खुश नहीं होती, चाहे तुम कितना भी कर लो उसके लिए
छोड़ दो ऐसी महबूबा को जो तुम्हे खुश ना रखे और तुम्हारा दिल तोड़ दे
किसी को इतना भी ज्यादा वक़्त मत दो कि वो तुम्हारी क़द्र ही करना छोड़ दे

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