रेलगाड़ी की यात्रा के रंग और नए लोगों से मुलाकात, आओ करें एक नए सफर की शुरुआत
आज मैं साँझा करूँगा अपने रेलयात्रा से संबंधित कुछ बेहद ही अनूठे अनुभव
कैसे पटरियों के ऊपर जीवन का सफर तय होता है
रेलगाड़ी में कोई हँसता है तो कोई रोता है
कभी-कभी सहयात्रियों की अनकही कहानियाँ आप का दिल जीत लेती हैं
तो कोई ऐसा भी मिल जाता है जिसकी हर बात आपके दिल तक पहुँच जाती है
रेलवे स्टेशन की भीड़-भाड़ भी कभी-कभी ढेर सारी यादें को अपने में समेटती है
यादों की गूंज इतनी ज्यादा होती है ट्रेन की सीटी को भी मात देती है
याद आ जाते हैं वो सफर जो हमने अपनों के साथ किये होते हैं
हर ट्रेन के स्टेशन की अपनी एक अलग कहानी होती है

चाय और समोसे की खुशबू स्टेशन को सराबोर कर देती है
लोगों की भीड़ ट्रेन रुकते ही चाय और समोसों पर टूट पड़ती है
हर कोई चाय की चुस्की और समोसा चटनी का पूरा मज़ा लेता है
लम्बे से लम्बे सफर में भी मुसाफिर नए लोगों की महफ़िल सजा देता है
रेलगाड़ी जब भी गुजरती है पहाड़ों, नदियों और खेतों से
तो ऐसे नज़ारे देखकर दिल को बड़ा सुकून मिलता है
ऐसा लगता है जैसे पटरियों पर बज रहा हो मधुर संगीत
ऐसे में कुछ दीवाने दुनिया से बेखबर गा लेते हैं अपना प्रेम-गीत
सफर हसीन हो जाता है जब भी दो जवान धड़कनों की होती है मुलाकात

रेलगाड़ी की यात्रा के रंग और नए लोगों से मुलाकात, आओ करें एक नए सफर की शुरुआत
जब भी अनजान शहरों से गुजरते है तो ना जाने क्यों अपनापन सा लगता है
ऐसा लगता है जैसे कोई आपको बाहें फैलाकर बुला रहा हो अपने पास
बहुत अच्छा लगता है ट्रेन की खिड़की से सूरज को उगते और ढलते हुए देखना
दूर के सफर में तो ऐसा लगता है कि जैसे ट्रेन ही बन गयी घर हो
कभी-कभी ट्रेन में लग जाता है आपका मन
जब कुछ अनजाने लोग जब भी बांटते हैं खाने के साथ-साथ अपनापन
भीड़ में हो जाती है किसी से मुलाकात और हो जाती है दोस्ती
जम के होती हैं फिर दिल की बातें और होती है ढेर सारी मस्ती

अभी कुछ पल ही गुजरे थे कि सामने वाले का स्टेशन आ जाता है
वो खूबसूरत सा हमसफ़र मुस्कुरा कर अलविदा कहता है
ऐसे में दिल के अरमान दिल में ही रह जाते हैं और वो होते नहीं पूरे
कुछ किस्से ऐसे भी है जो रह जाते हैं अधूरे
जैसे ही बजती है गार्ड की सीटी, एक नए सफर की हो जाती है शुरुआत
रेलगाड़ी की यात्रा के रंग और नए लोगों से मुलाकात, आओ करें एक नए सफर की शुरुआत
रेलगाड़ी की यात्रा में मंज़िल से ज्यादा सफर का मज़ा होता है
चारों तरफ होते हैं हमारे बालक, जवान और बुजुर्ग लोगों का मेला
इतनी भीड़ में भी ये दिल ना जाने किसको ढूंढ़ता है और रहता है अकेला
सुबह की पहली रेलगाड़ी पकड़ने के लिए जल्दी उठना पड़ता है

रह जाती है सुस्ती और नींद भी आँखों में शेष
टिकट लेने की आपाधापी, कंधो पर बैग और दिल में होते हैं भाव विशेष
जैसे ही ट्रेन में मिल जाती है बैठने के लिए एक सीट
तो ऐसा लगता है जैसे बहुत बड़ा मोर्चा मार लिया हो
जब भी तेज़ हवा चलती है तो मन हो जाता है बावरा
किसी को देखकर दिल में उठती है आवाज़ कि उसको अपना बना लूँ
किसी खूबसूरत हसीना को इशारा करके बुलाऊँ और अपने पास बिठा लूँ
आस-पास लोग बैठे हैं कोई खाली बैठा है तो कोई है मोबाइल पर व्यस्त
कभी दिखाई देता है पेड़ों का झुरमुट तो कभी देखता हूँ सुरंग

मौसम हो जाता है मदहोश और बहक जाता है अंग-अंग
इतने सुंदर और प्यारे कुदरत के नज़ारे देखकर दिल खुश हो जाता है
दिल मेरा मोर बन के नाच उठता है जब भी होती है सफर में बरसात
रेलगाड़ी की यात्रा के रंग और नए लोगों से मुलाकात, आओ करें एक नए सफर की शुरुआत
रेलगाड़ी का रात का सफर तो और भी ज्यादा होता है रोमांचकारी
जैसे-जैसे शाम ढलती है, एक ख़ामोशी सी छा जाती है चारों तरफ
डिब्बे के बाहर घना अँधियारा अपनी छटा बिखेर देता है
चाँद और सितारे हल्की-हल्की रौशनी देकर अँधेरे को चुनौती देते हैं
लोग अपनी चादर निकल कर बिछाने लगते हैं

जो भी छोटे बच्चे हैं उनको जल्दी-जल्दी सुलाने लगते हैं
जैसे ही समय और बीतता है, धीरे-धीरे सभी नींद के आगोश में चले जाते हैं
वैसे तो कुछ ख़ास नींद नहीं आ पाती
लेकिन दिन भर की थकान से आँखें कुछ बोझिल सी हो जाती
कुछ देर बाद बस ट्रेन के पहियों की आवाज माहौल में गूंजने लगती है
और रात के ये सफर झिलमिल करता हुआ आगे बढ़ता जाता है
अगले दिन सुबह की किरणे जब मुँह पर पड़ती हैं तो नींद से उठ जाते हैं
सुबह का तरोताज़ा एहसास दिल और दिमाग को बहुत सुकून देता है
सुबह की ताज़गी कुछ गीत मधुर सुनाती है
और हमें नए उत्साह और उमंग से जीना का पाठ पढ़ाती है

कुछ लोग यात्रा के दौरान अपने जीवन के भुतकाल और भविष्य के बारे में सोचते हैं
जब भी कुछ फुर्सत मिलती है तो अपनी यादों में खो जाते हैं
किसी-किसी को ये रेलगाड़ी देती है प्रेरणा जीवन में आगे बढ़ते जाने की
चाहे सामने हो मुश्किलों के पहाड़, पर फिर भी उस पर चढ़ते जाने की
हर एक पल में जैसे रेलगाड़ी के सफर में नज़ारा बदल जाता है
वैसे ही ये जीवन भी परिवर्तनशील है, हर रोज़ बदलता रहता है
घर से बाहर निकलो और कर लो दुनिया मुठी में
शायद ये सफर लेकर आए तेरे लिए एक नयी सौगात
रेलगाड़ी की यात्रा के रंग और नए लोगों से मुलाकात, आओ करें एक नए सफर की शुरुआत

धीरे-धीरे करके सभी की मंज़िल अब नजदीक आ रही है
किसी का स्टेशन पास है तो किसी का स्टेशन है कुछ दूर
एक-एक करके सभी यात्री अपना सामान बांधना शुरू कर देते हैं
आने वाले स्टेशन की घोषणा सभी यात्री बड़े ही ध्यान से सुनते हैं
एक-एक करके यात्री अपने-अपने स्टेशन पर उतरना शुरू करते हैं
कुछ समय बाद हमारा भी स्टेशन आ जाता हैं
सभी सहयात्रियों से विदा लेने का भावुक पल भी आ जाता हैं
फिर मिलने का वादा करके मैं भी ट्रेन से उतर जाता हूँ
सच पूछो तो ट्रेन से उतरने का बिलकुल भी मन नहीं था

पर क्या करें ये जीवन भी तो एक सफर ही हैं
ट्रेन से उतर कर मैं घर अपने पहुँच जाता हूँ
घर पहुँच कर मैं अपने सफर के किस्से सभी को सुनाता हूँ
अब मैं घर पर हूँ अपने परिवार के साथ
और कर रहा हूँ अपनी रेलयात्रा के सफर और सहयात्रिओं को याद
जीवन यात्रा के इस सफर में एक बार फिर से शायद हो जाये उन लोगों से मुलाकात
रेलगाड़ी की यात्रा के रंग और नए लोगों से मुलाकात, आओ करें एक नए सफर की शुरुआत
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