चल पड़ा हूँ मंज़िल की तरफ मैं अब कामयाबी मुझसे दूर नहीं

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चल पड़ा हूँ मंज़िल की तरफ मैं अब कामयाबी मुझसे दूर नहीं

माना कि राह मेरी ये आसान नहीं होगी कोई बात नहीं

कुछ ना करने से तो कोशिश करना बेहतर होता है

ये ज़िन्दगी का सफर है हमेशा एक जैसा नही रहता

कभी तो इसमें लगते हैं मेले और कभी हम हो जाते हैं अकेले

चाहे भीड़ में हो या अकेले में तुम बस अपना काम करते रहना

जब कभी कठिनाई बढ़ जाये सफर की तो अपना होंसला बढ़ा देना

नाउम्मीद कभी मत होना बस अपनी मेहनत पर भरोसा रखना 

आज लोग तुम्हारा साथ दे या ना दे पर तुम आगे बढ़ते रहना

कभी जो तुम हताश हो तो अपनी पीठ खुद ही थपथपाना

दिल को अपने समझा लेना चाहे कितने भी तूफ़ान आये

लहरों पर जीत हांसिल करके ही नौका पार होती है

ये समंदर तुम्हे खुद रास्ता देगा अगर इरादा तेरा पक्का है

एक दिन कामयाबी के आसमान पर तेरा नाम लिखा होगा

बस मंज़िल अब करीब है और उम्मीद की रौशनी तेरे पास है

चल पड़ा हूँ मंज़िल की तरफ मैं अब कामयाबी मुझसे दूर नहीं