हर रोज़ अब हम पहले से बेहतर हो रहे हैं

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हर रोज़ अब हम पहले से बेहतर हो रहे हैं

पहले हम जरा जरा सी बात को लेकर

बस यूँ ही परेशान से हो जाते थे

समझ में नहीं आता था ये कि

क्या करें और कहाँ जाएं

दिल में उमड़ता था सवालों का समंदर

इन सवालों के जवाब ढूंढ़ते रहते थे

सवाल कुछ बहुत ही अजीब थे

जैसे कि ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है

मेरे दिल के अरमान पूरे क्यों नहीं होते

क्यों मैं खुद को अकेला महसूस करता हूँ

मेरा महबूब कब पूरी तरह से मेरा होगा

कामयाबी को मेरे घर का पता कब मिलेगा

ये सब सवाल के जवाब मैं तलाशता रहा

पर इन सवालों का जवाब लोगों से ना मिला कभी

फिर धीरे धीरे मुझे ये समझ में आया कि

ज़िन्दगी की हक़ीक़त अलग है और ख्वाब अलग

जो हम सोचते रहते हैं वैसा होता नहीं है

और जो हो जाता है हमारे साथ ज़िन्दगी में

वैसा हमने कभी सोचा नहीं होता

ऐसे में हम हर हालात के लिए तैयार नहीं होते

और फिर जब भी कोई मुश्किल आती है तो

हम उन मुश्किलों का सामना नहीं कर पाते

ऐसे में हम लोगों से करते हैं मदद की उम्मीद

पर होता इसका भी उल्टा है अक्सर

लोग तो मदद करने की बजाय

हमारे ज़ख्म देख कर बस मुस्कुरा देते हैं

अब हमने भी अपने दिल को समझा लिया है

और ये इरादा भी पक्का कर लिया है

कि ज़िन्दगी की जंग को अब हम

अकेले ही लड़ेंगे चाहे जो भी हो अंजाम

मेहनत के पसीने से अब हम तर हो रहे हैं

हर रोज़ अब हम पहले से बेहतर हो रहे हैं