बेवफ़ा से वफ़ा की उम्मीद करने की खता हमने की है
जिसका हमने किया है बरसो तक इंतज़ार
एक झलक दिखला कर वो फिर से चले गए
फिर से मिलने का वादा किया है उसने हमसे
देखते है अगली मुलाकात कब, कहाँ और कैसे होगी

एक एक पल मेरा कटता है सदियों के जैसा
यही इंतज़ार शायद मेरी किस्मत में लिखा है
बड़े खुशनसीब होते है जिनकी मोहब्बत परवान चढ़ती है
हमारे दिल में तो बस तेरी ही यादों का साया रहता है
सब चले गए है मुझको तनहा छोड़कर इस हाल में

साँस लेता हूँ तो जैसे ज़ख्मों को हवा लगती है
इस ज़िन्दगी का क्या भरोसा कि ये कब तक है
बस यूँ ही तेरे इंतज़ार में जिए जा रहे हैं
मेरी तन्हाई मुझसे अक्सर यही बात करती है
बेवफ़ा से वफ़ा की उम्मीद करने की खता हमने की है
Amazon Link to Buy Book:
