दिल मेरा कहीं लगता नहीं तेरे बिना तो बताओ मैं क्या करूँ

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दिल मेरा कहीं लगता नहीं तेरे बिना तो बताओ मैं क्या करूँ

ऐसा लगता है जैसे कि तुम ही मेरे जीने कि वजह बन गयी हो

क्या तुम्हे एहसास भी है कि मैं कितना बेकरार हूँ तेरे लिए

बस हर तरफ तुझे ढूंढ़ता रहता हूँ मैं दीवानो की तरह

तेरी एक झलक पाने को मेरी ये नज़रें इंतज़ार में रहती हैं

अगर तुम आ जाओ मिलने तो दिल को कुछ सुकून मिले

ना जाने तुमने मुझपर क्या जादू कर दिया है

मेरा दिल तेरे प्यार में पूरी तरह गिरफ्तार हो चूका है

ये सावन की बारिश भी तेरे बिना शोलों की तरह लगती है

लोग पूछते है मेरी हालत के बारे में तो मैं क्या जवाब दूँ 

भेजता हूँ हर रोज तुमको मैं अपने प्यार भरे पैगाम

मेरे लिखे खत का नहीं देती तुम कोई जवाब तो मैं क्या करूँ

दिल मेरा कहीं लगता नहीं तेरे बिना तो बताओ मैं क्या करूँ