दोस्तों आज का दिन बहुत ही बेकार सा लग रहा है

Posted by

दोस्तों आज का दिन बहुत ही बेकार सा लग रहा है
ना जाने क्यों कभी-कभी कुछ भी करने का मन नहीं करता
बस यही लगता है कि बस ख़ाली ही बैठा रहूँ और कुछ भी ना करूँ
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है, अगर हाँ तो कमेंट करके ज़रूर बताना
क्या करूँ कि ये दिल है कि मानता ही नहीं
ये बेकरारी क्यों हो रही है ये जानता ही नहीं
बस फिर क्या था मैंने अपनी कलम उठा ली और सोचा की कुछ लिख दूँ
क्या आप मेरा लिखा पढ़ेंगे या फिर मुझे नज़रअंदाज़ कर देंगे ये तो मैं नहीं जानता
आओ मेरे पास और फिरसे एक बार मेरे बन जाओ
शायद तुमसे मिलकर मैं खुद को मुक्कमल कर दूँ
मेरे हसीन हमसफ़र, मैं तुमको अपना प्यार भरा दिल पेश करता हूँ
दिल को किसने पुकारा ये सोचने का वक़्त नहीं मेरे पास
मैं तो हर किसी को अपना बना लेता हूँ, फिर वो चाहे जो भी हो
दिल के ख्यालात कभी दिमाग में क्यों नहीं आते बस यही सोचता हूँ
भूल बैठा हूँ जिन बातों को मैं उनको फिर से याद मत दिलाओ
मैं तो बस चैन से अपनी ज़िन्दगी जीना चाहता हूँ
उसने हमें याद किया, ये तो कुछ चमत्कार सा लग रहा है
दोस्तों आज का दिन बहुत ही बेकार सा लग रहा है

We offer poetry and lyric writing services for all your needs, personal or professional, in English and Hindi. To avail the service, please contact by email: rajeevkharb_2007@rediffmail.com