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आशिकों के दिलों पर जब भी लोगों का पहरा होता है तो प्यार और भी गहरा होता है

आशिकों के दिलों पर जब भी लोगों का पहरा होता है तो प्यार और भी गहरा होता है

प्यार की शुरुआत जब होने लगती है तो अपने भी पराये हो जाते हैं

बहुत ही कठिन है ये सफर प्यार इश्क़ और मोहब्बत का

ना जाने किस किस दर की ठोकर खाकर भी जीना होता हर हाल में

खुशियाँ तो मिलती हैं कभी कभी अक्सर वरना दर्द ही ज़िन्दगी बन जाता है

जब मिलती नहीं कोई भी खबर अपने दिलबर की तो दिल बेचैन हो जाता है

ये सारा मंजर बस देखते ही देखते बड़ी तेजी से बदल जाता है

प्यार का अंजाम कब सोचते हैं किसी को चाहने वाले

लोगों की नज़रें जब तीर बनकर चुभने लग जाये

तो समझ लेना कि तुम्हारा इश्क़ परवान चढ़ रहा है

अपना दिल सोच समझकर ही किसी को देना ऐ दोस्त

यहाँ पर दिल के कदरदान ही नहीं प्यार के सौदागर भी रहते हैं

चलते चलते इन इश्क़ की राहों में जब काँटों से भी गुजरना पड़े

तो हँसते हँसते अपने पाँव को ज़ख़्मी कर लेना बिना कोई शिकवा किये

ये तो सच है कि आशिकी इम्तिहान तो बहुत लेती है

तब जाकर मिलता है तुझको हमसफ़र और सिर पर तेरे सेहरा सजता है

आशिकों के दिलों पर जब भी लोगों का पहरा होता है तो प्यार और भी गहरा होता है