मैं तेरे इश्क़ में पागल हूँ, तूँ मुझे आजमाने की कोशिश ना कर

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मैं तेरे इश्क़ में पागल हूँ, तूँ मुझे आजमाने की कोशिश ना कर
अगर आजमाना है मुझको तो फिर पहले छोड़ दो अपनी नींद और चैन
यूँ ही नहीं हुआ हूँ मैं बर्बाद तेरी चाहत में मेरी जान
मैंने बरसों तक किया है तेरा इंतज़ार और की है तेरी ख्वाहिश हर दम
तुम तो मुस्कुरा कर आगे बढ़ गए लेकिन मैं तो आज भी वहीं पर खड़ा हूँ
तुझे देखें मेरी आँखें इसमें क्या मेरी खता है
हाल क्या मेरे दिल का सनम, ये तो बस मुझको पता है
जब रोता है दिल रातो को तो कोई भी नहीं देता इसको दिलासा
पास आकर मेरा दर्द तो करो महसूस ज़रा सा
पर मेरा दिल भी कितना पागल है जो प्यार तो तुमसे करता है
पर ना जाने क्या हो जाता है जब तुम सामने आ जाते हो
कैसे भुला दूँ मैं वो मीठी बातें और वो मुलाकातें
अब तेरे बिन जियें तो जियें कैसे मेरी जान
चलों हम घर बना लें एक-दूजे में और हो जाए दुनिया से दूर
मेरे दिल और दिमाग पर है बस अब तेरी चाहत का ही फितूर
ढूँढ लाओ मेरी खुशियाँ और दे दो मुझे तुम वापिस आ कर
मैं तेरे इश्क़ में पागल हूँ, तूँ मुझे आजमाने की कोशिश ना कर