
याद में तेरी जागकर हम रात भर करवटें बदलते हैं
जो बिताए थे लम्हे साथ मिलकर उनको हम हर पल याद करते हैं
क्यों चले गए तुम हमसे दूर ये तो हम नहीं जानते
पर ये पता है कि तुम्हारी यादें आज भी मेरे दिल के करीब
जिस दिन नहीं होती तुमसे मुलाकात वो दिन मेरे लिए किसी काम का नहीं
मैं हूँ तुम्हारा सच्चा आशिक़, लोगों की नज़रों में मैं बदनाम सही
तेरे गुलाब जैसे होठों को मैं अपने लबों से एक बार छूना चाहता हूँ
तेरी इन मद भरी आँखों से बस एक बार पीना चाहता हूँ
रोक लेती है तेरी चाहत मुझको जब भी मैं तुझसे दूर जाता हूँ
बहुत तेज़ है तेरे दिल की धड़कन आज, क्या तुमको भी इश्क़ हो गया है
आओ दोनों मिलकर बसा ले एक प्यार भरी दुनिया
छुपा लूंगा मैं तुमको इस दिल में और बना लूंगा अपना हमेशा के लिए
तेरी याद दिल में अब रहती है हर पल
तुझे देने के लिए दिल के सिवा मेरे पास कुछ भी नहीं
कहीं हमें प्यार तो नहीं हो गया है, शायद इसी को प्यार कहते हैं
जब थक जाते हैं तेरा पीछा करके तो ख्वाबों में भी तेरे पीछे हम चलते हैं
याद में तेरी जागकर हम रात भर करवटें बदलते हैं




