नमस्कार मेरे प्यारे दोस्तों ! कैसे हैं आप सभी ? आज का दिन कुछ आशा और कुछ निराशा से भरा था ! ना जाने क्यों मैं जो भी काम शुरू करता हूँ वो बीच में ही रह जाता है ! आप लोग बताना क्या कि क्या आप लोगों के साथ भी ऐसा होता है ! कभी – कभी तो मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मैं कभी कुछ नहीं कर पाउँगा ! लगता है कि जैसे ये उम्र बस यूँ ही गुजर जाएगी ! मेरे प्यारे दोस्तों कभी – कभी मैं बहुत ही असहाय सा महसूस करता हूँ ! आज तक मुझे जीवन में कभी भी कोई कामयाबी नहीं मिली ! मैंने बहुत कोशिश की है हर तरह से मेहनत करने की लेकिन कभी कोई भी फायदा नहीं मिला ! सच पूछो तो मुझे ये ज़िन्दगी कभी-कभी कुछ ऐसे लगती है जैसे:
ये दुनिया और ये महफ़िल मेरे काम की नहीं
मेरे किसी काम के नहीं ये रिश्ते और नाते
सब बेकार की बातें हैं और कोई किसी का नहीं इस दुनिया में
मतलबी हैं लोगो यहाँ के और मतलबी ज़माना
सोचा साया साथ देगा पर निकला वो बेगाना
प्यार दीवाना होता है मस्ताना होता है, हर ख़ुशी और हर गम से बेगाना होता है
ये चाँद लाइनें मैंने आप लोगों के लिए लिखीं हैं ! दिल तो मेरा बहुत घायल है आज लेकिन फिर भी मुस्कुराता हूँ मैं क्यूंकि मैंने किसी से हंसने का वादा किया है ! और ये भी कहता हूँ कि प्यार किया नहीं जाता बस हो जाता है ! दोस्तों क्या तुमने भी किसी से प्यार किया है और अपना प्यार भरा दिल किसी को दिया है ! आज उनसे पहली मुलकात होगी, ये सोच कर बेकरार सा महसूस करता हूँ ! क्या आपने कभी अपनी मेहबूबा के लिए इंतज़ार किया है ! मुझे कमेंट करके ज़रूर बताना !
तो दोस्तों मैं बात कर रहा था आशा और निराशा की ! दोस्तों मैंने इस ज़िन्दगी में अनेक लोगों का भला किया है लेकिन बदले में मुझे क्या मिला ! कुछ नहीं मिला और यही मेरी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी निराशा है ! जिन रिश्तों के लिए हमने खुद को मिटा दिया आज वो रिश्ते हमें पहचानने से भी इंकार कर देते हैं ! शायद इस ज़िन्दगी की यही रीत है ! मेरा जीवन तो जैसे एक कोरा कागज़ है जिसमे ना तो कोई रंग है और ना ही कोई उमंग ! मैंने जवानी में किसी खूबसूरत हसीना से बेइंतेहा प्यार किया था लेकिन वो हसीना भी मुझे छोड़ कर ना जाने कहाँ चली गयी ! उसने ये कहा था कि हम ना बिछड़ेंगे कभी ! लेकिंन उसकी कही हुई सभी बातें झूठी साबित हुई और एक दिन वो मुझे छोड़ कर चली गयी ! तो दोस्तों अब तुम ही बताओ कि मुझे निराश होना चाहिए या नहीं !
मैं तेरे इश्क़ में मर ना जाऊँ कहीं, तूँ मुझे आजमाने की कोशिश ना कर ! ये बात बिलकुल सच है दोस्तों ! अगर आप किसी को प्यार करते हो तो फिर उसपर भरोसा भी करना सीखो ! क्यूंकि शक दोस्ती का दुश्मन है इसको अपने दिल में घर ना बनाने दो ! अगर कोई ग़लतफहमी हो जाए तो उसको तुरंत दूर कर लो ! कही ऐसा ना हो कि तुम्हारा जानेमन तुमसे बहुत दूर चला जाए और तुम बस देखते ही रह जाओ ! चेहरा क्या देखते हो सनम, दिल में उतर कर देखो ना ! अगर आपका मेहबूब आप को प्यार करता है तो फिर उसका साथ कभी मत छोड़ना !
मुझे भी तेरी मोहब्बत का सहारा मिल गया होता, अगर तूफ़ान नहीं आता और किनारा मिल गया होता ! ख़ुशी से में अपनी आँखों को आंसुओं से भिगो लेता ! मेरे बदले तूँ हंस लेती और तेरे बदले मैं रो लेता ! मुझे काश तेरा गम सारा मिल गया होता ! ये चाँद सा रोशन चेहरा और जुल्फों का रंग सुनहरा ! ये झील सी नीली आँखें, इतनी तारीफ़ काफी है या फिर और भी तारीफ़ करूँ मैं तुम्हारी ! सारी उम्र मैं तुम्हारी तारीफ़ करूँगा लेकिन तुम मुझे अपना प्यार भरा दिल दे दो !
सोचा नहीं था की ऐसी फूटी तक़दीर होगी मेरी ! आज हर तरफ बस ख़ामोशी और तन्हाई है ! कोई तो संभाल ले आज मुझको ! मेरा ये दिल है कि मानता ही नहीं मैं क्या करूँ ! तुझे ना देखूं तो चैन मुझे आता नहीं है और तेरे सिवा कोई और मुझे भाता नहीं हैं ! कहीं मुझे प्यार हुआ तो नहीं हैं ! क्या आप बता सकते हो कि प्यार की शुरुआत कैसे होती हैं ! तुझे देखें मेरी आँखें इसमें क्या मेरी खता है, हाल क्या हैं मेरे दिल का, ये तो बस मुझको पता है ! नहीं ये हो नहीं सकता कि तेरी याद ना आये, बिना तेरे एक पल भी ये दिल कहीं चैन ना पाए, तुझे भूलने से पहले मेरी जान चली जाए ! तेरी याद को मैंने अपने इस दिल में हमेशा के लिए बसा रखा हैं !
तो दोस्तों ये सब थी मेरी निराशा से भरी बातें ! आज आप लोगों के साथ शेयर करके काफी सुकून मह्सूस हो रहा है ! क्या करता मैं भी , कोई नहीं है मेरा कि जिसको मैं ये सब बोल पाऊँ ! इसी किये आज मैंने आप लोगों को अपना मान कर ये सब बता दिया ! अब ये आपकी मर्ज़ी है कि आप मेरी इन बातों को किस तरह से लेते हैं !
दोस्तों जब भी कोई काम करो तो किसी रिजल्ट की इच्छा मत करना बस अपना काम करते रहना ! कभी ना कभी आप लोगों क्लो कामयाबी ज़रूर मिलेगी ! ऐसा सुना था मैंने और आज तक काम कर रहा हूँ पर अभी तक तो कोई कामयाबी नहीं मिली ! मेरे साथ के सभी यार दोस्त एक – एक करके कामयाब हो गए और मैं आज भी वही पर खड़ा हूँ जहाँ पर अब कोई नहीं हैं ! किसका रास्ता देखे अब मेरे दिल, कोई नहीं है दूर – दूर तक और मीलों है बस तन्हाई !
कुछ दिन पहले एक दोस्त ने मुझे कुछ करने के लिए प्रोत्साहित किया था लेकिन कुछ दिन बाद मैंने वो काम छोड़ दिया और एक नया काम शुरू कर दिया ! पता नहीं ये मन इतना चंचल क्यों है ? आखिर कब ये दिल एक जगह पर टिक कर रहेगा ! चलते – चलते मेरे ये गीत याद रखना, कभी अलविदा ना कहना ! चाहे जो भी हो अंजाम, तुम बस प्यार करते जाना ! लोग कुछ तो कहेंगे पर तुम कभी लोगों की बातों में मत आना ! बस प्यार करते जाना और किसी से बस कुछ ना कहना ! प्यार करने कभी डरते नहीं और जो डरते हैं वो कभी प्यार करते नहीं ! आजा आई बहार दिल है बेकरार और अब होगा और कितना इंतज़ार ! चलो अब हम एक बार फिर से एक – दूजे के हो जाएं !
लोग आपसे क्या चाहते है ? लोग आपसे ये चाहते हैं कि आप उनके सामने झुक जाएँ और मदद की भीख मांगे ! पर मायने ये नहीं रखता कि लोग क्या चाहते है ? बल्कि मायने ये रखता है कि आप क्या चाहते हैं ? कब तक जियेंगे आप ये उधार की ज़िन्दगी ? इसलिए आप बस अपने दिल की आवाज़ सुनों ! ये माना कि आज हम कुछ भी नहीं लेकिन ये हालात भी एक दिन ज़रूर बदलेंगे ! जैसी अँधेरी रात के बात उजाला ज़रूर होता है वैसे ही एक दिन हमारी ज़िन्दगी भी ज़रूर बदलेगी ! हम भी एक दिन मुस्कुरा कर देखेंगे और जियेंगे अपनी ज़िन्दगी ! चलते – चलते मेरे ये गीत याद रखना ! कभी अलविदा ना कहना ! मैंने देखा है लोगों को अपनी ही नज़रों से गिरते हुए ! ना जाने क्या मज़बूरी होती है, ये तो हम नहीं जानते !
हर पल जो गुज़र रही है वो है ज़िन्दगी ! रेत की तरह से जो मुट्ठी से फिसल रही है, वो है ज़िन्दगी ! एक दिन ऐसा भी आएगा कि ना तो तुम ही रहोगे और ना ही हम भी रहेंगे लेकिन फिर भी जो चलती जाए उसका ना है ज़िन्दगी ! मैं तो एक बदनाम शायर हूँ जिसे लोगों ने भुला दिया है ! बस एक ऐसी रचना लिखना चाहता हूँ जिसे लोग कभी ना भुला पाए ! बहुत नींद आ रही है और थक चूका हूँ मैं, है कोई जो मेरे ज़ख़्मी दिल को थोड़ा सा आराम दे दे ! दिल चीर के देख तेरा ही नाम होगा ! भीगी – भीगी रातों में तेरे ख्वाब आतें हैं मुझे ! शायद तुम मेरी हर एक सांस में बस गयी हो ! मैंने तो तुझे अपना सब कुछ अर्पण कर दिया है, तुम ना जाने कब मुझे अपना मानोगे ! किसी रोज़ तुमसे फिर से मुलाकात होगी !
तभी तो मैं तुमसे आज ये कहता हूँ कि मेरे दिल में आज क्या है तूँ कहे तो मैं बता दूँ ? तेरी जुल्फ फिर सवारूँ और तेरी मांग फिर सजा दूँ ! तेरी इस दीवानगी में मैंने सब कुछ भुला दिया है पर क्या तुम भी मेरी तरह से बेकरार हो ! चलूँगा मैं तेरे साथ हमेशा पर क्या तुम भी तैयार हो ? वैसे तो हसीनाओं पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है लेकिन फिर भी मैंने तुमको अपना सब कुछ मान लिया है ! आज फिर से एक बार तुमको अपना बनाने की कोशिश की है ! मैं तेरे प्यार में पागल, कुछ ऐसे घूमता हूँ जैसे कोई पागल दीवाना किसी प्रेमिका को ढूंढ़ता है ! सच कहता हूँ कि मेरी ये शोहरत तो दो कौड़ी की भी नहीं ! तेरे इश्क़ का बुखार हर वक़्त मेरे सर में चढ़ा रहता है ! ना जाने ये कैसा प्रेम रोग तुमने मुझको दे दिया है ! कल ही बीवी ने बोला कि प्यार कुछ कम सा लगता है ! ज़िम्मेदारी के बोझ तले आजकल आशिकी फीकी पड़ रही है ! क्यों सही कहा ना ?




