मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊंगा मुझे ऐसा लगता है

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मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊंगा मुझे ऐसा लगता है

रात दिन तेरी याद और तेरा ही ख्याल रहता है

ये दिल मेरा तेरे नाम पर ही धड़कता है

दोस्तों की महफ़िल भी अब पीछे छूट गयी है जैसे

कदम मेरे एक अनजान सफर पर निकल पड़े हैं

हर राह पर तुझे पाने की आरज़ू रहती है मुझको

ये जो मौसम ने करवट ली है और बरसात के दिन आये हैं

शायद ये तेरी अंगड़ाई का असर हुआ है आसमान पर

फूल भी खिलने की इजाज़त अब तुझसे मांगते हैं

ये सागर की लहरें जैसे कि तेरा आँचल हो

हर शय में बस तू ही तू नज़र आती है मुझको

ज़िन्दगी फिर से मुझको तेरी महफ़िल में ले आयी है

तेरे प्यार ने मुझको शायर बना दिया है शायद

तेरी तारीफ़ में और क्या लिखू बस यही सोचता रहता हूँ

तुम अगर एक प्यार भरी नज़र जो डाल दो मुझपर

तो मेरी ये मोहब्बत भी जवान हो जाये फिर से

आइना जब भी मैं देखता हूँ तो तेरा ही अक्स नज़र आता है

तेरे इन तीखे नैनों से मैं घायल हो जाऊंगा मुझे ऐसा लगता है

मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊंगा मुझे ऐसा लगता है