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तेरी शरबती आँखें और रेशमी जुल्फ़े मेरे दिल पर कहर ढाती हैं

तेरी शरबती आँखें और रेशमी जुल्फ़े मेरे दिल पर कहर ढाती हैं

ना जाने ये दिलकश अदाएं हसीनों के पास कहाँ से आती हैं

जब भी दिल से किसी को पुकारो तो मुलाकात हो ही जाती है

ये प्यार का सिलसिला एक बार शुरू होने पर रुकता नहीं

चाहे कितना भी लोग परेशान करें पर प्यार कभी झुकता नहीं

किसी ने जब भी मोहब्बत की है तो कांटो भरी राह मिली है

पर इन कांटो पर चल कर ही प्यार के फूल खिलते हैं

तेरे पास आकर सोचता हूँ कि तेरा हो जाऊं हमेशा के लिए

मुझे तो इश्क़ हो गया है शायद दोस्तों किसी हसीन से

प्रेम का रोग भी कितना अजीब होता है

जो दिल को दर्द देता है दवा भी उसी से मिलती है

उसने कहा है कि अभी तो कली जैसी नाज़ुक हूँ मैं

मुझे इंतज़ार करना होगा बहार आने तक उसका

इंतज़ार के ये पल तो सदियों से भी लम्बे हैं

पर आशिकी में इम्तिहान भी देने होते हैं

वक़्त उनसे मिलने का अब आ गया है बहुत ही नजदीक

अब दुआ मेरी जाती है आस्मां तक देखते है ये क्या असर लाती है

तेरी शरबती आँखें और रेशमी जुल्फ़े मेरे दिल पर कहर ढाती हैं