जब से चुराया है तुमने दिल मेरा मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया हूँ

Posted by

–

जब से चुराया है तुमने दिल मेरा मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया हूँ

पहली मोहब्बत का पहला पैग़ाम मैंने तुझको भेजा है

लिख दिया है अपने दिल को कागज बना कर अपने जजबातों की कलम से

कि तुम ही मेरी मंज़िल हो और तुम्ही मेरे जीने का मकसद हो

हर राह मेरी पहुँचती है बस तुम तक ही मेरे हुजूर

तेरी आँखें चमकती है सितारों की तरह से

हुसन तुम्हारा मेरे महबूब बेमिसाल है

बड़ी फ़ुर्सत से बनाया तुझे ख़ुदा ने पूरी नफासत के साथ

इस हसीन चेहरे का सानी कोई नहीं सारी कायनात में

ग़ुलाब की नाज़ुक पंखुड़ियों जैसे हैं होंठ तुम्हारे

चलती हो तुम जब लहराकर तो नज़र मेरी तुम पर ही ठहर जाती है

बेनकाब होकर महफ़िल में मत आना कभी

टूट सकते हैं दिल बहुत से आशिकों के

दिल मेरा तेरी चाहत में मतवाला हो गया है

जब तुम मुस्कुराती हो तो जैसे प्यार के झरने बहते हैं

ख़ुदा तुम्हे सलामत रखे हर बला से यही दुआ है मेरी

जब भी सजदा करता हूँ तो बस तेरी खैर मांगता हूँ

कुछ इस तरह से ही मेरी सुबह शाम गुजरती है आजकल

जब से चुराया है तुमने दिल मेरा मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया हूँ