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चलो एक नया सफर शुरू करते हैं

चलो एक नया सफर शुरू करते हैं

सफ़र ऐसा की ना तो मंज़िल का पता हो

और ना ही खुद की खबर हो

बस दूर तक ख़ामोशी हो तन्हाई हो

ऐसा लगे जैसे दिल को तेरी याद आई हो

अब हम से ना पूछे कोई की कहाँ हो

मेरा पता अब है की लापता हूँ मैं

बंद होती इन आँखों को तेरा इंतज़ार है

तेरी याद से इस दिल को मिलता करार है

जब होता हूँ दूर इस गम से भरी दुनिया से

तो तुमसे मिलकर मुझे मेरी मंज़िल मिल जाती है

चलो एक नया सफर शुरू करते हैं