You are currently viewing मुझे कुछ कहना है आज आप सभी से मेरे दोस्तों

मुझे कुछ कहना है आज आप सभी से मेरे दोस्तों

मुझे कुछ कहना है आज आप सभी से मेरे दोस्तों

क्या ये सब आप लोगों के साथ भी होता है

कभी कभी ज़िन्दगी हमें कुछ ऐसा उलझा के छोड़ती है

कि ना तो मंज़िल का पता रहता है

ना ही रास्ते की कोई खबर रहती है

दिल और दिमाग एक दूसरे से कोई वास्ता नहीं रखना चाहते

दिल कुछ और ही कहना चाहता है

दिमाग कहीं और ले जाना चाहता है

मुझे तो अब ऐसा लगता है कि

ये ज़िन्दगी तो एक रंगमंच की तरह ही है

हम ये सोचते रहते हैं कि ऐसा होगा तो कैसा होगा

वैसा होगा तो कैसा होगा

इस ऐसे और वैसे के चक्कर में

बेचैनी सी होने लगती है हर वक़्त

ना दिन में चैन रहता है

और ना ही रात में नींद आती है

देखता रहता हूँ मैं तो घड़ी के काँटों को

कभी तो ये वक़्त काटे भी नहीं कटता

तो कभी हवा से भी तेज दौड़ता है

वक़्त जब अच्छा होता है किसी का

तो ये वक़्त कब गुजर जाता है

पता ही नहीं चलता हमको

पर जब किसी पर बुरा वक़्त आता है

तो एक पल भी सदियों से लम्बा लगता है

जैसे हम जब इंतज़ार करते हैं किसी के आने का

तो लगता है जैसे वक़्त ठहर सा गया है

सोचना क्या है कि कल क्या होगा हमारे साथ

कहीं ऐसा ना हो कि आज भी हमारा बर्बाद हो जाये

जो भी मिला है हमें इस जीवन में

उसका हमें शुक्रगुजार रहना चाहिए

बहुत से लोगों के पास तो इतना भी नहीं

उनके लिए तो दो वक़्त की रोटी भी बड़ी बात है 

इसलिए जो मिला है इसको अपना मुकद्दर समझो

आज आपको यही समझाना है मेरे दोस्तों

मुझे कुछ कहना है आज आप सभी से मेरे दोस्तों