तुमको पा लेने की ठान ली है मैंने

तुमको पा लेने की ठान ली है मैंने देखते हैं कि कब तक तुम दूर रह पाओगे हमसे जानता हूँ कि चाहते हो तुम भी हमको पर शायद इस दुनिया…

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आज मैं निकल पड़ा हूँ बहुत दूर के सफर पर

आज मैं निकल पड़ा हूँ बहुत दूर के सफर पर ये सफर कुछ ऐसा है कि ना तो सामान है और ना ही किसी भी तरह की कोई तैयारी है…

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तेरे इंतज़ार की हद हो गयी ना जाने तुम कब आओगे

तेरे इंतज़ार की हद हो गयी ना जाने तुम कब आओगे कह कर तो गए थे कि बस हम अभी आते हैं हम तो आज भी वहीं पर खड़े हैं…

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