आज हम तेरी महफ़िल को छोड़ कर कहीं दूर चले जायेंगे
आज हम तेरी महफ़िल को छोड़ कर कहीं दूर चले जायेंगे ये जो शान और शौकत जिसमे तुम रहती हो मैं इसके काबिल नहीं बहुत बड़ी है तुम्हारे इन महलों…
आज हम तेरी महफ़िल को छोड़ कर कहीं दूर चले जायेंगे ये जो शान और शौकत जिसमे तुम रहती हो मैं इसके काबिल नहीं बहुत बड़ी है तुम्हारे इन महलों…
ये सड़क पर दौड़ती हुई ज़िन्दगी ना जाने किधर जा रही है ये हुसन और ये जवानी ना जाने किधर जा रही है घर से निकल जाते है लोग सुबह…
हर घड़ी और हर कदम पर ज़िन्दगी ले रही है मेरा इम्तिहान कभी उतर तो कभी चढ़ाव का अनुभव हो रहा है किताबें जो भी पढ़ी थी अब तक उनसे…
सावन के इस महीने में झूले पड़े है बाग़ में मैं परदेसी भी अब घर वापिस आ गया हूँ इस मौसम के क्या कहने कि हर तरफ छायी बहार है…
ये दुनियाँ भी कितनी अजीब है दोस्तों इसको समझना बड़ा ही मुश्किल है जिसका भी मतलब निकल गया है मुझसे उसने मुझे दिल से निकाल दिया लोग यहाँ पर मौसम…
एक बार फिर क़ोशिश करके देखता हूँ कि मैं तुझे भूल पाउँगा या नहीं पर जब भी मैंने तुमको भुलाने की क़ोशिश की है दिल से तो पहले से भी…
ये ज़िन्दगी है एक हसीन सफर और मैं तो बस एक मुसाफ़िर हूँ यारों कभी यहाँ तो कभी वहाँ और ना जाने कहाँ कहाँ पर मैंने किया है गुजारा कभी…
इस भाग दौड़ से भरी ज़िन्दगी में कुछ फुर्सत के पल ढूंढ़ता हूँ कहीं खो गए हैं जो वक़्त की आंधी में वो मेरे कल ढूंढ़ता हूँ ये वो कल…
ज़िन्दगी के सफ़र में जो हम से बिछड़ जाते है वो फिर नहीं आते हम चाहे लाख कोशिश कर लें हम उनको नहीं मना पाते वैसे भी किसी ने ये…
जब मेरा बुरा वक़्त आया तो सभी ने साथ मेरा छोड़ दिया मैंने तो सोचा था कि सभी तो मेरे अपने है मुझे संभाल लेंगे पर जब वक़्त की मार…