MOTIVATIONAL RHYMES
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तुम आओ मेरे रूबरू मेरे महबूब तो मेरी बात बने इस दिल का आज है बस तकाजा यही ज़िंदगानी मेरी ना बीत जाए बस यूँ ही कि तुम रूठती ही रहो और मैं मनाता रहूं तुमको चाँद ये चेहरा कब तक छुपाते रहोगे हमसे कभी तो आओगे बाहर घर से अपने और दीदार तेरा होने…

जब वो मुस्कुराते हैं तो खिलता है चेहरा उनका गुलाब की तरह बहुत ही खूबसूरत है सनम मेरा हमदम मेरा यूँ तो कलियाँ रहती हैं बहुत सी इस चमन में जिनको मौका नहीं मिलता कभी खिलने का भँवरे उन पर नहीं मंडराते कभी ना ही पास से गुजरते हैं पर मेरी कली की तो बस…

कहना तो बहुत कुछ था उनसे पर उसे देखकर लब मेरे खामोश हो जाते हैं माँगा था जिनको दुआ में मैंने दिन रात सजदा करके जब वो सामने आये तो हम बस उनको देखते ही रह गए ऐसे लगा जैसे कि वक़्त थम गया हो मुँह से अपने हम एक लफ्ज़ भी नहीं बोल पाए…

आज उनसे पहली मुलाकात करने जाना है ऐ दिल तू जरा काबू में रहना कहीं ऐसा ना हो जाये कि वो आएं और चुपके से मेरा दिल ले जाएं कब से उनकी चाहत में मुझे था उनसे मिलने का इंतज़ार आज का दिन बहुत ही ख़ास होने वाला है दोस्तों देखते हैं कि वो मेरे…

प्यार ये तेरा मुझे किस मोड़ पर ले आया है आगे ना जाने क्या होगा जब चला था तेरी ओर तो दिल में उम्मीद थी तुमको पाने की तुझको मैं कर लूँ हांसिल बस यही हसरत थी दीवाने की तेरी हर अदा पर मैंने अपना प्यार भरा दिल पेश किया है मैं तो तुझे देख…

पहली बार मिलते ही दिल को तुमसे प्यार हो गया पहली नज़र तुम्हारी मेरे दिल के पार हो गयी देखा तुमने मुझे कुछ इस तरह से मेरे महबूब कि अरमान कई दिल में तुमने जगा दिए कहीं ये मुस्कान तेरी मेरा जीना मुश्किल ना कर दे अब मैंने तेरी याद में रातों को जागना शुरू…

मेरी आशिकी का असर तुम पर हो जाये यही मेरे दिल की दुआ है भीड़ में भी तनहा तनहा रहता हूँ मैं जब से इश्क़ तुमसे हुआ हैं मेरी इस रूह को चैन और सुकून अब सिर्फ तुम से ही है जबसे तुमने देखा है मुझे एक नज़र प्यार से दिल मेरा खिल उठा है…

तुम कहीं किसी और की ना हो जाओ यही सोचकर डरता हूँ मैं जब भी तुम्हे देखता हूँ तो ना जाने कितनी आहें भरता हूँ मैं तुम तो रहती हो अपने ही दोस्तों में हर वक़्त पर मैं तो यहाँ तनहा और अकेला हूँ मेरा संगी और साथी कोई नहीं ज़माने में इश्क़ वाली किताब…

हमने तो तेरे ही नाम कर दिया है अपना ये जीवन सारा आशिक़ हैं हम तेरे नाम के और अब मेरा ये दिल है तुम्हारा बीते हुए लम्हों से कुछ फुर्सत के पल निकाल कर लाया हूँ चलो आज फिर से बैठे एक साथ और थोड़ा सा मुस्कुरा ले हम ज़िन्दगी की जद्दोजहद तो कभी…

जब भी तुम्हे कोई और देखता है तो मेरा दिल बड़ी मुश्किल से संभलता है माँगा है तुमको दुआओं में और ख़ुदा ने तुमको बनाया है बस मेरे लिए मैं हर पल और हर घड़ी तेरे ही दीदार को बेकरार रहता हूँ तेरे ही इश्क़ में हरदम मैं दर्द ऐ दिल भी सहता हूँ तुमने…