MOTIVATIONAL RHYMES
Welcome to Motivational Rhymes, a place where words inspire, dreams awaken, and positivity finds a voice. Our mission is to uplift hearts and minds through the power of motivational poetry, inspirational quotes, and soulful rhymes that encourage personal growth and self-belief.


अगर तूँ आज हाँ कर दे और कर ले मुझे कबूल तो मैं ये चाँद-सितारे सजा दूँ माथे पर तुम्हारे मेरी जान मैं तो तुम्हे हर रोज़ अपने दिल की आँखों से देख कर आँहें भरता था हर रोज़ सपनों में ही बुलाकर तुमको मैं बस यही कहना चाहता था कि आई लव यू तुम…

कभी-कभी मेरा कुछ भी करने का मन नहीं करता साथियों और मैं हो जाता हूँ बोर पता नहीं कि ऐसा सिर्फ मेरे साथ ही होता है या फिर सब के साथ होता है कोई बेचारा करता है दिन-रात काम तो कोई चादर तान कर सोता है कोई ज़रा सी भी करे मेहनत तो आसानी से…

बचपन के थे हम दोस्त ख़ास कभी, आज दिल मेरा ये कहता है कि तुमसे अपने प्यार का इज़हार कर दूँ बात उन दिनों की है दोस्तों जब हम बचपन में एक-साथ खेलते थे और बहुत मज़े करते थे वो रहती थी मेरे ही मोहल्ले की गली में कुछ मकान छोड़कर और हमारा आना-जाना रहता…

आज कॉलेज का पहला दिन था, एक हसीना से हुई मुलाकात हमें तो सदा याद रहेगी क्या कहूँ दोस्तों, पहली मुलाकात हुई थी उससे कॉलेज के गेट पर वो भी कॉलेज के गेट से अंदर दाखिल हो रही थी और मैं भी जब पहली नज़र उसपर पड़ी मेरी तो मैं उसका दीवाना हो गया बला…

तेरे आने की उम्मीद है मुझे इसलिए घर का दरवाज़ा खुला रखते हैं जब से तुम गए हो तब से ये घर पहले जैसा नहीं रहा मेरे हमदम कभी मेरे ख्याल बनते हैं तो कभी बन कर बिगड़ जाते हैं कसम से ना जाने क्यों एक अजीब सी बेकरारी सी रहती है मेरे सीने में…

नमस्कार दोस्तों, आज मैं आप सभी से अपने दिल की कुछ ख़ास बातें इस कविता के माध्यम से करना चाहता हूँ मैं यह आशा करता हूँ कि आपको मेरी ये कोशिश शायद पसंद आएगी आप जब इस कविता को पढ़ेंगे तो आपको भी लगेगा कि ये कविता आपके दिल के जज़्बात को बयान कर रही…

क्या मेरे भीतर भी कभी शांति होगी या सिर्फ विचारो की ही क्रांति होगी मेरा जीवन तो बस एक कोरा कागज़ है कोई क्या पढ़ेगा मेरे जीवन की किताब हर रोज़ जंग होती है दिल और दिमाग के बीच ये दुनिया हर रोज़ नए रंग बदलती है अब तक तो मैं ढूंढ़ता रहा खुशियों को…

तुमको पा लेने की ठान ली है मैंने देखते हैं कि कब तक तुम दूर रह पाओगे हमसे जानता हूँ कि चाहते हो तुम भी हमको पर शायद इस दुनिया से तुम डरते हो लोगों का क्या है कह कर रह जाएँगे पर हम तुमको ना भूल पाएँगे तेरी आँखों से बढ़कर आईना नहीं कोई…

मुझे अब क्या काम है इस जहान से मैं तो बर्बाद हुआ हूँ तेरी राह में जब से मिला है मुझको तेरा गम इस जहान का गम नहीं सताता अब हमको मेरे कदम तो बस वहीं पर रुक जाते हैं जहाँ से नज़र आ जाते हो आप मुझे मैं कहाँ था आपके क़ाबिल मेरे महबूब…

किसी को पाने की खातिर हमने अपना सब कुछ खो दिया बहुत समझाया सबने हमको कि बच के रहना पर ये दिल है कि माना ही नहीं और गलती कर बैठा अब बात बहुत आगे बढ़ चुकी है शायद अब वापिस लोट कर आना बहुत मुश्किल होगा कदम मेरे अब एक अनजाने सफर पर निकल…