MOTIVATIONAL RHYMES
Welcome to Motivational Rhymes, a place where words inspire, dreams awaken, and positivity finds a voice. Our mission is to uplift hearts and minds through the power of motivational poetry, inspirational quotes, and soulful rhymes that encourage personal growth and self-belief.


जीने के लिए मिले हैं दिन चार अब जी भी ले मेरे यार सोच रहे हो कि ये बात तो सबको पता है इसमें क्या ख़ास बात है और नया क्या है तो मैं ये कहना चाहता हूँ मेरे दोस्तों इस भागती दौड़ती ज़िन्दगी में हम जीना तो भूल ही गए जो बात थी किसी…

आखिर कब तक मैं छुपाऊंगा तुझसे अपनी चाहत को एक दिन तो दिल की बात जुबान पर आ ही जाएगी हम कोशिश तो बहुत करते हैं अपना दिल बहलाने की पर शायद दिल को हमारे आपकी ही लत लग गयी है लगता है कि लत तो ये गलत लग गयी है सुबह उठता हूँ तो…

जब दिल से तुम्हारे किसी के लिए दुआ निकले तो समझ लेना कि तुम्हे इश्क़ हो गया है आशिक़ तो मांगते हैं सबकी खैर हरदम तुम भी खा लो अब ये मोहब्बत की कसम तेरी आँखों से जब भी दिल की बात होती है लगता है जैसे कोई अफसाना तो ज़रूर बनेगा दो चार मुलाकातें…

अगर तुम साथ देने का वादा करो तो ज़माने को छोड़ देंगे हम बात तो बस इतनी सी है कि तुम एक नज़र देख लो हमको कब से खड़े हैं तेरी राहों में दिल अपना हम थम कर पहचानते हैं अब तो सभी लोग तुम्हारे मोहल्ले के हमको पूछते है कि यहाँ क्यों आते हो…

आजकल मुझको रात और दिन लगी रहती है तेरी प्रेम धुन प्रेम की बंसी मैं बजाना चाहता हूँ नदियाँ किनारे मेरा ये बेताब दिल हरदम बस तुझको ही पुकारे सुन लो मेरी बहकती साँसों की पुकार तुम कर लो चाहे थोड़ा सा ही सही प्यार तुम अगर तुम एक बार छू लो मेरी धड़कनों को…

जब भी सफर में कभी एक मुसाफिर एक हसीना से मिलता है तो फिर दोनों के बीच में चाहत का फूल ही खिलता है ये ज़िन्दगी भी तो एक सफर ही है यारों हम सब इसके मुसाफिर हैं और मंज़िल है सबकी अपनी अपनी कुछ की मंज़िल पास है तो कुछ की मंज़िल दूर है…

तेरी तलाश में भटकता हूँ मैं दरबदर कभी किसी राह में कभी किसी मोड़ पर पूछता हूँ मैं तेरा पता इन पागल हवाओं से बिखरी हुई है खुश्बू तेरी इन फ़िज़ाओं में मासूम है चेहरा तेरा ख़ुदा की मेहरबानी है तुझपर तुम यूँ ना हँसो तड़पने पर मेरे दिल ने मेरे तुझसे ही प्यार किया…

मेरी ये आँखें बस तुझे ही देखती हैं मैं देखता हूँ जिस तरफ दूर दूर तक कोई नहीं है कहीं नहीं है सिवा तेरे ये दुनिया और ये महफ़िल शायद अब मेरे किसी काम की नहीं रही तेरे बिना लगता है सब सूना सूना सा चाहे कितने भी लगे हो मेले तेरे बिना अब कैसे…

मैं तेरी मोहब्बत में पागल हो जाऊंगा मुझे ऐसा लगता है रात दिन तेरी याद और तेरा ही ख्याल रहता है ये दिल मेरा तेरे नाम पर ही धड़कता है दोस्तों की महफ़िल भी अब पीछे छूट गयी है जैसे कदम मेरे एक अनजान सफर पर निकल पड़े हैं हर राह पर तुझे पाने की…

जो कभी अजनबी थी आज मेरी ज़िन्दगी बन गयी है हर ख़ुशी बन गयी है कुछ दिन पहले तक हम कभी ना मिले थे एक दूजे से कभी पर जब से तुमसे मिला हूँ तुम अपने से लगने लगे हो दिल मेरा तुमपर ऐतबार करने लगा है खुद से भी ज्यादा बिन कहे ही तेरी…