MOTIVATIONAL RHYMES
Welcome to Motivational Rhymes, a place where words inspire, dreams awaken, and positivity finds a voice. Our mission is to uplift hearts and minds through the power of motivational poetry, inspirational quotes, and soulful rhymes that encourage personal growth and self-belief.


मुझे नहीं थी खबर कहाँ है मेरी मंज़िल मुझे इश्क़ तेरा यहाँ लेकर आया अब ना तो दिल होश में है और ना हम होश में हैं ना जाने तूने अपनी मस्त निगाहों से हमें क्या है पिलाया तुझे छोड़कर अब मैं कहाँ पर जाऊँ समझ नहीं आता मुझे मुझको तुमने ऐसा है दीवाना बनाया…

जाने क्या बात है दिल मेरा कहीं नहीं लग रहा खोयी खोयी सी है ये ज़िन्दगी किसी की तलाश में कभी मिलते हो तो कभी जुदा हो जाते हो कभी हँसते हो तो कभी खफा हो जाते हो दिल के जज्बात सँभाल कर रखे हैं तेरी खातिर जरा सा झूम लूँ मैं इस रंगीन मौसम…

मेरी ये गरीबी कहीं मेरे होंसले ना पस्त कर दे आख़िर कब तक लडूंगा मैं इस ज़माने से कमाने के लिए तो नहीं मिलता मुझे कोई मौका और हज़ारों ख़र्चे हर रोज़ रहते हैं तैयार मुफ़लिसी ऐसी मेरे ख़ुदा किसी को ना देना कि जब हर साँस किसी के क़र्ज़ तले दबी हो जिस किसी…

बैठा हूँ मायूस मैं तो नहीं हुआ मेरा कोई भी काम फिर ये सोचा कि कर लेता हूँ अब मैं थोड़ा सा आराम सोच रहा हूँ ये कि एक एक करके मेरे सभी दोस्त कामयाब होते चले गए पर मैं तो जहाँ खड़ा था बस वहीं हूँ ऐ ख़ुदा क्या मेरी ये किस्मत कभी ना…

तुमको पाना है मुझे आज ज़माने से दूर होकर बस तेरा एक इशारा ही चाहिए मुझे तेरी एक निगाह अगर हम पर पड़ जाये तो रोता हुआ दिल ये मेरा मुस्कुराने लगेगा भटक कर ज़माने भर में हमने यही पाया है हर तरफ तेरी ही चाहत का साया है मेरा यार रहे यूँ ही सलामत…

सुना है कि मिलती है हर दर्द की दवा तेरे शहर में हम भी हो गए हैं हाज़िर अपना ये ज़ख़्मी दिल लेकर जब मेरा ये इश्क़ का जूनून हद से भी पार हो जायेगा तो शायद उस दिन तुमको भी हमसे प्यार हो जायेगा क्यों रोता फिरूंगा मैं कभी यहाँ तो कभी वहां पर…

चल पड़ा हूँ मैं काम की तलाश में दोस्तों अब तुम सभी मेरे लिए दुआ करना होंसला अभी तक तो बचा कर रखा है मैंने वैसे तो हालात मेरे कुछ अच्छे नहीं आजकल सोचता हूँ कि हार मान लेने से भी क्या होगा चलने के लिए हाथ और पैर मारता हूँ मैं कोई भी मदद…

इस शहर में यूँ तो लाखों की भीड़ है पर ना जाने क्यों मैं अकेला हूँ कोई भी नहीं ऐसा जिससे मैं कर सकूँ अपने दिल की बात लोगों ने हमेशा से ही मेरे दिल के जज्बातों से खेला है ना जाने क्या ढूंढ रही है मेरी नज़रे इस अनजाने से नगर में रोज़ी रोटी…

ये दौलत और जवानी एक दिन खो जाती है बस यादें रह जाती हैं आदमी की सारी उम्र बस यूँ ही तमाम हो जाती है बहुत से रिश्ते टूट जाते हैं तो कुछ कहानी बन जाती है बचपन से जब शुरू होता है ये जिंदगी का सफर तो बहुत ही प्यारा और मासूम होता है…

वक़्त की ये अंधी दौड़ ना जाने इंसान को कहाँ लेकर जाएगी ना दिन का पता और ना ही रात की है कोई खबर बस भाग रहे हैं लोग ना जाने किस मंज़िल की तलाश में आँखें हैं सब की सूनी सूनी सी आजकल ना जाने क्यों सपनों की खातिर वो अपनों को पीछे छोड़…