मुझे नहीं थी खबर कहाँ है मेरी मंज़िल मुझे इश्क़ तेरा यहाँ लेकर आया
मुझे नहीं थी खबर कहाँ है मेरी मंज़िल मुझे इश्क़ तेरा यहाँ लेकर आया अब ना तो दिल होश में है और ना हम होश में हैं ना जाने तूने…
मुझे नहीं थी खबर कहाँ है मेरी मंज़िल मुझे इश्क़ तेरा यहाँ लेकर आया अब ना तो दिल होश में है और ना हम होश में हैं ना जाने तूने…
जाने क्या बात है दिल मेरा कहीं नहीं लग रहा खोयी खोयी सी है ये ज़िन्दगी किसी की तलाश में कभी मिलते हो तो कभी जुदा हो जाते हो कभी…
मेरी ये गरीबी कहीं मेरे होंसले ना पस्त कर दे आख़िर कब तक लडूंगा मैं इस ज़माने से कमाने के लिए तो नहीं मिलता मुझे कोई मौका और हज़ारों ख़र्चे…
बैठा हूँ मायूस मैं तो नहीं हुआ मेरा कोई भी काम फिर ये सोचा कि कर लेता हूँ अब मैं थोड़ा सा आराम सोच रहा हूँ ये कि एक एक…
तुमको पाना है मुझे आज ज़माने से दूर होकर बस तेरा एक इशारा ही चाहिए मुझे तेरी एक निगाह अगर हम पर पड़ जाये तो रोता हुआ दिल ये मेरा…
सुना है कि मिलती है हर दर्द की दवा तेरे शहर में हम भी हो गए हैं हाज़िर अपना ये ज़ख़्मी दिल लेकर जब मेरा ये इश्क़ का जूनून हद…
चल पड़ा हूँ मैं काम की तलाश में दोस्तों अब तुम सभी मेरे लिए दुआ करना होंसला अभी तक तो बचा कर रखा है मैंने वैसे तो हालात मेरे कुछ…
इस शहर में यूँ तो लाखों की भीड़ है पर ना जाने क्यों मैं अकेला हूँ कोई भी नहीं ऐसा जिससे मैं कर सकूँ अपने दिल की बात लोगों ने…
ये दौलत और जवानी एक दिन खो जाती है बस यादें रह जाती हैं आदमी की सारी उम्र बस यूँ ही तमाम हो जाती है बहुत से रिश्ते टूट जाते…
वक़्त की ये अंधी दौड़ ना जाने इंसान को कहाँ लेकर जाएगी ना दिन का पता और ना ही रात की है कोई खबर बस भाग रहे हैं लोग ना…