
MOTIVATIONAL RHYMES
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पहली बार मिलते ही दिल को तुमसे प्यार हो गया पहली नज़र तुम्हारी मेरे दिल के पार हो गयी देखा तुमने मुझे कुछ इस तरह से मेरे महबूब कि अरमान कई दिल में तुमने जगा दिए कहीं ये मुस्कान तेरी मेरा जीना मुश्किल ना कर दे अब मैंने तेरी याद में रातों को जागना शुरू…

मेरी आशिकी का असर तुम पर हो जाये यही मेरे दिल की दुआ है भीड़ में भी तनहा तनहा रहता हूँ मैं जब से इश्क़ तुमसे हुआ हैं मेरी इस रूह को चैन और सुकून अब सिर्फ तुम से ही है जबसे तुमने देखा है मुझे एक नज़र प्यार से दिल मेरा खिल उठा है…

तुम कहीं किसी और की ना हो जाओ यही सोचकर डरता हूँ मैं जब भी तुम्हे देखता हूँ तो ना जाने कितनी आहें भरता हूँ मैं तुम तो रहती हो अपने ही दोस्तों में हर वक़्त पर मैं तो यहाँ तनहा और अकेला हूँ मेरा संगी और साथी कोई नहीं ज़माने में इश्क़ वाली किताब…

हमने तो तेरे ही नाम कर दिया है अपना ये जीवन सारा आशिक़ हैं हम तेरे नाम के और अब मेरा ये दिल है तुम्हारा बीते हुए लम्हों से कुछ फुर्सत के पल निकाल कर लाया हूँ चलो आज फिर से बैठे एक साथ और थोड़ा सा मुस्कुरा ले हम ज़िन्दगी की जद्दोजहद तो कभी…

जब भी तुम्हे कोई और देखता है तो मेरा दिल बड़ी मुश्किल से संभलता है माँगा है तुमको दुआओं में और ख़ुदा ने तुमको बनाया है बस मेरे लिए मैं हर पल और हर घड़ी तेरे ही दीदार को बेकरार रहता हूँ तेरे ही इश्क़ में हरदम मैं दर्द ऐ दिल भी सहता हूँ तुमने…

तेरे हुसन की जितनी भी मैं तारीफ करूँ मुझे तो कम ही लगती है ये बात मैं तुमसे कहता हूँ आज तेरा हाथ थाम कर तेरे दिल में मेरे लिए क्या है ये तो मैं नहीं जानता पर मुझे लगता है कि तुम मेरे ख्वाब की ताबीर हो तेरी चाहत ने ही मुझे ज़िंदा रखा…

तेरे लिए ही जीता हूँ और तेरी ही अदाओं पर मैं मरता हूँ कैसे बताऊँ अब मैं तुम्हे कितनी मोहब्बत करता हूँ तेरे दिल में मेरे लिए क्या है ये तो बस तू ही जानती है मेरा दिल तो तेरी चाहत में पूरी तरह से डूब गया है झील से भी गहरी तेरी ये आँखें…

जब से चुराया है तुमने दिल मेरा मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया हूँ पहली मोहब्बत का पहला पैग़ाम मैंने तुझको भेजा है लिख दिया है अपने दिल को कागज बना कर अपने जजबातों की कलम से कि तुम ही मेरी मंज़िल हो और तुम्ही मेरे जीने का मकसद हो हर राह मेरी…

मैंने तुम्हे अब अपना बनाने की कसम खाई है जिंदगी मुझे ये किस मोड़ पर ले आई है अच्छी भली कट रही थी मेरी ज़िन्दगी मस्ती में दोस्तों के साथ जब से तुम्हे देखा है दिल को जैसे रोग ही लगा लिया लोग इसको प्रेम रोग कहते हैं जब से पता चला है तो मैं…

जब भी हुसन और इश्क़ की मुलाकात होती है तो प्यार की बरसात होती है जब तक आशिक़ अपनी महबूबा पर प्यार भरी नज़र नहीं डालता तब तक महबूब के हुसन पर निखार नहीं आता जब होती है बात दो दिलवालों की तो वक़्त का पता ही नहीं चलता पल दो पल की मुलाकात से…