MOTIVATIONAL RHYMES
Welcome to Motivational Rhymes, a place where words inspire, dreams awaken, and positivity finds a voice. Our mission is to uplift hearts and minds through the power of motivational poetry, inspirational quotes, and soulful rhymes that encourage personal growth and self-belief.


जब भी सफर में कभी एक मुसाफिर एक हसीना से मिलता है तो फिर दोनों के बीच में चाहत का फूल ही खिलता है ये ज़िन्दगी भी तो एक सफर ही है यारों हम सब इसके मुसाफिर हैं और मंज़िल है सबकी अपनी अपनी कुछ की मंज़िल पास है तो कुछ की मंज़िल दूर है…

मेरे दिल में आज क्या है तुझे सुना दूँ तो मुझे करार आ जाये दिल में है मेरे कि मैं तुमसे मोहब्बत करता हूँ तेरी ही राहों में खड़ा हूँ दिल अपना थाम कर मेरे दिल में एक कसक सी है आजकल तेरा ये चेहरा भी लगता मुझे बहुत ही हसीन है जब भी गुजरती…

पिला दो अपनी मस्त आँखों से तुम आज मुझको जो भी गुजरेगी हम पर गुजरेगी तुम एक बार ज़रा अपनी नज़र से मेरी नज़र मिलाओ तो सही वैसे तो हमने मयख़ाने देखे हैं बहुत जब से होश संभाला है पर तेरे जैसा साक़ी नहीं मिल सकता ढूंढ़ने पर भी ज़माने में तेरी ये मदहोश नज़रे…

मेरी ये आँखें बस तुझे ही देखती हैं मैं देखता हूँ जिस तरफ दूर दूर तक कोई नहीं है कहीं नहीं है सिवा तेरे ये दुनिया और ये महफ़िल शायद अब मेरे किसी काम की नहीं रही तेरे बिना लगता है सब सूना सूना सा चाहे कितने भी लगे हो मेले तेरे बिना अब कैसे…

झुक रही है उनकी नज़र और चेहरा भी खिला है ऐसा अक्सर प्यार में होता है जब भी लेते हैं वो अंगड़ाई तो जैसे क़यामत ही आ जाती है ऐसा कहते हैं वो कि कर लो दिल की बात हमसे क्या पता कल ये मुलाकात फिर से होगी कि नहीं आज ही भर लो हमें…

तुम्हारे बिना मैं कैसे जियूँगा ये सोच लेना तुम मेरा दिल तोड़ने से पहले जब तुम ही नहीं रहोगे मेरी ज़िन्दगी में तो ये ज़िन्दगी मेरे लिए एक सजा बन जाएगी मेरी इस पहली मोहब्बत को तुम नाकाम मत करना मानता हूँ कि बहुत ही हसीन हो तुम तेरे चारों तरफ तेरे चाहने वाले हैं…

कुछ भी बन जाना दोस्तों ज़िन्दगी में पर आशिक़ कभी ना बनना आशिक़ जब भी कोई बनता है तो दिल टूट जाता है और टूटे हुए इस दिल से बस यही सदा आती है बार बार कि तुम कभी भी किसी से अपनी मोहब्बत का इजहार नहीं करना जब मिलते हैं हम पहली बार इन…

मेरे इश्क़ का इम्तिहान अब यूँ ना लो मेरे महबूब पहले तो दिल मेरा चुरा लिया अपनी नज़रों से अब तुम मुझसे नज़रे ही चुरा रहे हो तेरी ही उम्मीद पर दुनिया को ठुकराया है मैंने क्या तुम भी सबको छोड़कर मेरी मोहब्बत क़बूल करोगी मैंने तो अपनी आशिकी तेरे नाम कर दी आज से…

ज़माने में मोहब्बत तो बहुत से लोग करते हैं पर निभाता है कोई कोई दिल के अरमान जब मचलते हैं तो तलाश शुरू जो जाती है किसी साथी की जब भी जवानी में पहला कदम पड़ता है किसी भी शख्श का तो दिल की धड़कने बढ़ने लगती हैं किसी का नाम आने पर हाथों में…

कभी जो थे हमारे महबूब सनम वो हमसे जुदा हो गए देखते देखते ये ज़िन्दगी कभी गुजरती थी जिनकी बाहों में इत्मीनान से वो आज किसी गैर का नाम अपने दिल पर लिख रहे हैं जिनसे मिलने की ख़ातिर हमने ज़माने भर से बग़ावत की वो आज किसी और से मिलने का इंतज़ार कर रहे…