
MOTIVATIONAL RHYMES
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गा लो और मुस्कुरा लो दोस्तों ये ज़िन्दगी ना मिलेगी फिर दोबारा इस छोटी सी ज़िन्दगी में तुझको करने हैं काम बड़े माना कि किसी के पास भी वक़्त नहीं कुछ पल ठहर जाने का पर कभी कभी यारों और दोस्तों से भी मिलते रहना चाहिए कुछ सुनने चाहिए नग्मे उनसे और कुछ हमें भी…

इस शहर में यूँ तो लाखों की भीड़ है पर ना जाने क्यों मैं अकेला हूँ कोई भी नहीं ऐसा जिससे मैं कर सकूँ अपने दिल की बात लोगों ने हमेशा से ही मेरे दिल के जज्बातों से खेला है ना जाने क्या ढूंढ रही है मेरी नज़रे इस अनजाने से नगर में रोज़ी रोटी…

ये दौलत और जवानी एक दिन खो जाती है बस यादें रह जाती हैं आदमी की सारी उम्र बस यूँ ही तमाम हो जाती है बहुत से रिश्ते टूट जाते हैं तो कुछ कहानी बन जाती है बचपन से जब शुरू होता है ये जिंदगी का सफर तो बहुत ही प्यारा और मासूम होता है…

ना रहने को घर है ना सोने को बिस्तर है मेरी जिंदगी का यही है फ़साना आज यहाँ पर तो कल कहीं पर मेरा तो नहीं है कहीं पर कोई ठिकाना जो कह कर गए थे कि मिलते हैं वो आज तक लोट कर नहीं आये ज़िन्दगी गुजर रही थी ख्यालों में ही और साथ…

वक़्त की ये अंधी दौड़ ना जाने इंसान को कहाँ लेकर जाएगी ना दिन का पता और ना ही रात की है कोई खबर बस भाग रहे हैं लोग ना जाने किस मंज़िल की तलाश में आँखें हैं सब की सूनी सूनी सी आजकल ना जाने क्यों सपनों की खातिर वो अपनों को पीछे छोड़…

आज हम तेरी महफ़िल को छोड़ कर कहीं दूर चले जायेंगे ये जो शान और शौकत जिसमे तुम रहती हो मैं इसके काबिल नहीं बहुत बड़ी है तुम्हारे इन महलों की दीवारें शायद हमारे इश्क़ से भी ऊँची मेरी मासूम मोहब्बत इन दीवारों के पीछे कहीं क़ैद होकर रह गयी है जब कभी मोहब्बत में…

ये सड़क पर दौड़ती हुई ज़िन्दगी ना जाने किधर जा रही है ये हुसन और ये जवानी ना जाने किधर जा रही है घर से निकल जाते है लोग सुबह होते ही अपने काम की तलाश में कुछ शाम को मायूस लौटते है तो कुछ की आँखों में चमक होती है घर कैसे चलेगा बस…

हर घड़ी और हर कदम पर ज़िन्दगी ले रही है मेरा इम्तिहान कभी उतर तो कभी चढ़ाव का अनुभव हो रहा है किताबें जो भी पढ़ी थी अब तक उनसे ही सीखा था अब ज़िन्दगी सीखा रही है मुझको एक नया सबक हर रोज़ ये जो बचपन था धीरे से चला गया मुझे जवानी की…

सावन के इस महीने में झूले पड़े है बाग़ में मैं परदेसी भी अब घर वापिस आ गया हूँ इस मौसम के क्या कहने कि हर तरफ छायी बहार है पेड़ों पर नए पत्ते और फूलों पर आया एक प्यारा सा नूर है कोयल भी अपनी मीठी आवाज़ में कूँ कूँ कर रही है गीत…

ये दुनियाँ भी कितनी अजीब है दोस्तों इसको समझना बड़ा ही मुश्किल है जिसका भी मतलब निकल गया है मुझसे उसने मुझे दिल से निकाल दिया लोग यहाँ पर मौसम की तरह से रंग बदल जाते हैं ज़रूरत के हिसाब से ही लोग आप से वास्ता रखते हैं काम पड़ने पर लोग आप से कोई…